अपर जिलाधिकारी के न्यायालय ने खाद्य पदार्थों से संबंधित 18 वादों का निस्तारण कर मिलावटखोरों से 5.63 लाख रुपये का जुर्माना वसूला है। इस कार्रवाई से मिलावटखोरों में खलबली मची हुई है।
बता दें कि मिलावटी खाद्य पदार्थों की बिक्री रोकने के लिए खाद्य सुरक्षा और औषधि प्रशासन द्वारा समय-समय पर अभियान चलाया जाता है। टीम द्वारा इन नमूनों को एकत्रित कर जांच के लिए लखनऊ स्थित प्रयोगशाला भेजा जाता है। वहां से जांच रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद खाद्य पदार्थ विक्रेता के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाती है।
जांच रिपोर्ट के आधार पर अधिकांश मामलों को एडीएम के न्यायालय में भेजा जाता है, जबकि असुरक्षित आने वाले नमूनों के मुकदमे न्यायिक अधिकारी की कोर्ट में भेजे जाते हैं। बीते जुलाई महीने में एडीएम न्यायालय द्वारा 18 वादों का निस्तारण किया गया। इन नमूनों में सरसों तेल, मिश्रित दूध, दूध से बनी मिठाई, खाद्य तेल, मसाले, पनीर व बिना लाइसेंस खाद्य पदार्थ आदि का कारोबार करने वाले कारोबारी शामिल हैं।
खाद्य सुरक्षा आयुक्त द्वितीय रणधीर सिंह ने बताया कि मिलावटी खाद्य पदार्थों की बिक्री रोकने के लिए लगातार जिले में छापेमारी अभियान चलाया जा रहा है। इसके तहत सभी नमूनों को एकत्रित कर जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा जाता है। जांच रिपोर्ट आने के बाद विभागीय कार्रवाई की जाती है। बीते जुलाई महीने में एडीएम कोर्ट द्वारा 18 वाद का निस्तारण करते हुए 5.63 लाख रुपये का जुर्माना वसूलने की कार्रवाई की गई है।