त्योहारी सीजन से पहले आम आदमी की रसोई के बजट पर महंगाई की दोहरी मार पड़ी है। हरी सब्जियों के बाद अब अरहर दाल और चावल के दामों में तेजी आई है। दाल की नई आवक में देरी और चावल की बढ़ती मांग से बाजार में दोनों के भाव चढ़ गए हैं।
स्थानीय गल्ला मंडी के व्यापारियों के अनुसार, अरहर की नई फसल आने में देरी हो रही है। इस कारण दाल की कीमतों में प्रति किलो करीब 10 रुपये की बढ़ोतरी दर्ज हुई है। सामान्य से अच्छी गुणवत्ता वाली अरहर दाल 120 रुपये से बढ़कर 130 रुपये प्रति किलो हो गई है। कारोबारियों का कहना है कि नई फसल की आवक पूरी तरह शुरू होने तक दामों में नरमी की उम्मीद कम है। दाल के साथ-साथ चावल के दामों ने भी उपभोक्ताओं की जेब पर अतिरिक्त बोझ डाला है। चावल की विभिन्न किस्मों में प्रति किलो 5 रुपये से लेकर 20 रुपये तक का उछाल आया है। दैनिक उपयोग के सामान्य चावल पर 5 रुपये प्रति किलो की बढ़ोतरी हुई है। बासमती चावल की मोंगरा, मिनी मोंगरा और पौना जैसी प्रीमियम किस्मों के दाम 15 से 20 रुपये प्रति किलो तक बढ़ गए हैं। दाल और चावल दोनों के महंगे होने से आम परिवारों का मासिक बजट पूरी तरह गड़बड़ा गया है।
दाल की आवक हो रही कम
थोक मंडियों से दालों की आवक कम हो रही है। इससे लागत बढ़ गई है। नई अरहर की फसल बाजार में पूरी तरह आने में अभी वक्त लगेगा। जब तक थोक में कीमतें स्थिर नहीं होतीं, तब तक फुटकर में राहत की उम्मीद नहीं है।
रमेश वाष्र्णेय, दुकानदार
चावल की बढ़ती कीमतें
त्योहारी सीजन नजदीक आते ही चावल की मांग बढ़ गई है। मिलों से माल की आपूर्ति उस हिसाब से नहीं हो रही है। खासकर बासमती की विभिन्न वैरायटी और मोंगरा चावल पर 15 से 20 रुपये प्रति किलो तक का उछाल आया है।
संजय कुमार, दुकानदार