हतीसा बाईपास पर सरेराह हुई गैंगवार मामले में फरार चल रहे गंगचौली के हेमू ठाकुर ने मंगलवार को न्यायालय में सरेंडर कर दिया। कुख्यात मोना ठाकुर व शानू के एनकाउंटर में पकड़े जाने के बाद से गिरोह के सदस्यों में खलबली मची हुई थी।
गौरतलब है कि 18 जून को अलीगढ़-आगरा बाईपास पर मोना ठाकुर व गंगचौली के युवकों के बीच ताबड़तोड़ गोलियां चली थीं। पुलिस ने दोनों ओर से चार-चार लोगों को नामजद किया था। बाद में दूसरे पक्ष से अंकित का नाम भी एफआईआर में शामिल किया गया।
तीन जून को हाथरस जंक्शन में मुठभेड़ के दौरान पुलिस ने मोना ठाकुर को गिरफ्तार कर लिया था। उसके दोनों पैरों में गोली लगी। इसके बाद पुलिस ने गंगचौली के शानू को शनिवार देर रात दयानतपुर नहर के पास मुठभेड़ में गिरफ्तार किया। उसके भी दोनों पैरों में गोली लगी थी।
पुलिस की ताबड़तोड़ कार्रवाई के बाद से अपराधियों में खलबली मची हुई थी। गंगचौली के हेमू ठाकुर उर्फ सचिन ने न्यायालय में आत्मसमर्पण की अर्जी डाली थी। जानकारी के अनुसार उसे 10 जुलाई को सरेंडर करना था, लेकिन पुलिस को चकमा देते हुए वह मंगलवार को ही सरेंडर हो गया। गैंगवार में शामिल गिरोह के अन्य सदस्यों ने भी सरेंडर अपील डाल रखी है, जिन पर पुलिस की नजर है। पुलिस फरार चल रहे अंकित, अनुज उर्फ घोड़ी, जितेंद्र, संदीप व सूर्या की तलाश में जुटी है। संवाद