वित्तीय वर्ष 2022-23 से जुड़े जीएसटी मिसमैच के मामलों में राज्य कर विभाग अब सख्ती की तैयारी में है। विभाग की ओर से जारी एएसएमटी-10 के नोटिसों का जवाब देने की समय सीमा समाप्त हो चुकी है। जिले में जारी करीब 900 नोटिसों में से लगभग 550 कारोबारियों ने अभी तक अपना पक्ष प्रस्तुत नहीं किया है।
ऐसे मामलों में अब विभाग अगले चरण की कार्रवाई शुरू करेगा। एएसएमटी-10 के नोटिस उन मामलों में जारी किए जाते हैं, जहां जीएसटी रिटर्न, खरीद-बिक्री के विवरण अथवा कर भुगतान में अंतर (मिसमैच) पाया जाता है। नोटिस मिलने के बाद संबंधित व्यापारी को निर्धारित अवधि में पोर्टल के माध्यम से अपना स्पष्टीकरण देना होता है।
जिन कारोबारियों ने समय सीमा के भीतर जवाब नहीं दिया है, उनके विरुद्ध अब डीआरसी-01 नोटिस जारी किए जाएंगे। इसके माध्यम से कर, ब्याज एवं जुर्माने की मांग की जाएगी। यदि इसके बाद भी संतोषजनक जवाब नहीं मिलता है या देय राशि जमा नहीं की जाती, तो विभाग डीआरसी-07 जारी कर वसूली की कार्रवाई करेगा।
इसमें बैंक खाते संलग्न करने सहित अन्य वैधानिक कदम भी उठाए जा सकते हैं। राज्य कर विभाग ने व्यापारियों से अपील की है कि यदि किसी कारणवश अब तक जवाब प्रस्तुत नहीं किया गया है तो विलंब न करते हुए विभाग से संपर्क करें और नियमानुसार प्रक्रिया पूरी करें। सहायक आयुक्त प्रशासन मयंक जैन ने बताया कि समय रहते जवाब देने से अनावश्यक कार्रवाई से बचा जा सकता है।
क्या होता है एएसएमटी-10 और डीआरसी-01 नोटिस?
एएसएमटी-10 नोटिस तब जारी किया जाता है, जब विभाग को किसी कारोबारी के जीएसटी रिटर्न या अन्य अभिलेखों में विसंगति दिखाई देती है। इसमें व्यापारी से स्पष्टीकरण या संशोधित विवरण मांगा जाता है। यदि निर्धारित समय में संतोषजनक जवाब नहीं मिलता, तो विभाग डीआरसी-01 नोटिस जारी कर कर, ब्याज और जुर्माने की मांग करता है। इसके बाद भी भुगतान या जवाब नहीं मिलने पर डीआरसी-07 के माध्यम से वसूली की कार्रवाई की जाती है।
व्यापारी इन बातों का रखें ध्यान
-जीएसटी पोर्टल पर समय-समय पर नोटिस अवश्य देखें।
-एएसएमटी-10 का जवाब निर्धारित अवधि में ऑनलाइन दें।
-खरीद-बिक्री और रिटर्न का मिलान नियमित रूप से करते रहें।
-आवश्यकता होने पर कर सलाहकार या विभाग से मार्गदर्शन लें।
-नोटिसों की अनदेखी करने पर आर्थिक दंड और बैंक खाते तक संलग्न किए जा सकते हैं।