न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
दिवाली के मौके पर प्रदोष काल में लक्ष्मी पूजन करना शुभ रहेगा। विद्वानों के अनुसार लक्ष्मी पूजन शाम पांच बजकर 11 मिनट से आठ बजकर 10 मिनट तक रहेगा। इसके अलावा गोवर्धन पूजा शाम पांच बजकर सात मिनट से नौ बजकर 57 मिनट तक करना शुभ रहेगा।
ये हैं पूजन के शुभ मुहुर्त
धर्माचार्यों के अनुसार कार्तिक कृष्ण अमावस्या के दिन सुबह से ही लक्ष्मी पूजन किया जा सकता है। चंचल बेला में सुबह 08.14 से सुबह 09.37 तक, लाभ और अमृत बेला में सुबह 09.37 से दोपहर 12.21 तक, शुभ बेला में दोपहर 01.43 से दोपहर 03.04 तक, कुंभ लग्न में दोपहर 02.02 से दोपहर 03.33 तक, गौधूरि प्रदोष काल में शाम पांच बजकर 11 मिनट से आठ बजकर 10 मिनट तक वृष लग्न में शाम 06.37 से रात्रि 08.33 तक लक्ष्मी पूजन किया जा सकता है।
परिणामस्वरूप शाम पांच बजकर 11 मिनट से से रात्रि आठ बजकर 10 मिनट तक लक्ष्मी पूजन के लिए उत्तम समय है। प्रदोष काल में पूजन शुभ रहता है। कुछ लोग मध्यरात्रि में स्थिर लक्ष्मी के लिए पूजन करते हैं। ऐसे लोग सिंह लग्न में रात्रि 12 बजकर 40 मिनट से सुबह तीन बजे के मध्य लक्ष्मी जी की स्तुति कर सकते हैं। संवाद