संवाद न्यूज एजेंसी, सिकंदराराऊ।
वित्तविहीन शिक्षक महासभा उत्तर प्रदेश के आगरा शिक्षा खंड प्रभारी पवन शर्मा ने सिकंदराराऊ में शिशु शिक्षा मंदिर पेड़ वाले स्कूल में बैठक कर वित्तविहीन शिक्षकों एवं प्रबंधकों के साथ चर्चा की। उन्होंने कहा कि पिछले कुछ दिनों से लगातार वित्तविहीन शिक्षक, प्रधानाचार्य व विद्यालयों को अपमानित करने वाले आदेश सरकार द्वारा जारी किए जा रहे हैं। कुछ लोगों द्वारा किए गए गलत कार्यों के कारण पूरे वर्ग को अपमानित करना बर्दाश्त करने योग्य नहीं है।
शर्मा ने कहा कि केंद्र व्यवस्थापक का पद लगातार किए गए आमरण अनशन से मिला था। जिसे एक झटके में छीन लिया गया। आज दुर्भाग्य पूर्ण है कि प्रैक्टिकल के परीक्षक से भी वित्तविहीन शिक्षकों को बाहर कर दिया गया। अगर इतना ही अविश्वास है तो बोर्ड की उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन में भी वित्तविहीन शिक्षकों की ड्यूटी न लगाई जाए। सरकार को अगर लगता है कि वित्तविहीन शिक्षक बिल्कुल विश्वास योग्य नहीं हैं तो यह वित्तविहीन व्यवस्था ही खत्म कर देनी चाहिए।
शर्मा ने कहा कि वित्तविहीन शिक्षकों को प्रयोगात्मक परीक्षा से हटाने तथा प्रयोगात्मक परीक्षा का परीक्षा केंद्र पूर्व के परीक्षा केंद्र पर बनाना तार्किक नहीं हैं क्योंकि इतनी संख्या की प्रयोगात्मक परीक्षा 20 दिन में भी समाप्त नहीं होगी। इस हिटलरशाही आदेश के खिलाफ 20 अप्रैल को समय तीन बजे धरना प्रदर्शन करके मुख्यमंत्री के नाम जिला विद्यालय निरीक्षक अलीगढ़ को एक ज्ञापन सौंपा जाएगा।
मौके पर प्रदेश संगठन मंत्री नरेश चतुर्वेदी, संजीव गौतम, मुकेश यादव, सतीश यादव, नीरज धनगर, आदित्य बघेल, जसवंत सिंह, सुरेंद्र यादव, जुनैद अख्तर, रूपेंद्र राठौर, नरेंद्र सिंह, पंकज गौतम, पंकज पंडा, लोकेंद्र शर्मा, अरविंद पुंढीर, विनोद यादव, मोकमपाल सिंह आदि थे।