संवाद न्यूज एजेंसी, हाथरस/मुरसान।
क्षेत्र में लगातार बारिश होने के कारण किसानों की धान, सरसों, बाजरा, आलू की फसल में काफी नुकसान हुआ है। इससे किसान काफी परेशान है। वहीं स्थानीय प्रशासन इस नुकसान का आंकलन करने में लगा है। इसके लिए सर्वे कराया जा रहा है। हालांकि, अभी तक बारिश का पानी खेतों में भरा हुआ है।
रविवार और सोमवार को लगातार बारिश होने के कारण किसानों की खेतों में पानी भर गया। इससे धान की फसल की काफी नुकसान पहुंचा। खेत में कटी फसल भीग गई। कुछ किसानों ने आलू व सरसों की बुआई भी कर ली थी। बारिश होने के कारण खेतों में जलभराव हो गया, जिससे सरसों व आलू की फसल अब बेकार हो गई है।
कुछ किसान अभी आलू की बुआई की तैयारी कर रहे हैं, लेकिन उनके खेतों में पानी भरने के कारण बुआई नहीं हो पाई है। कुछ किसानों ने अपनी फसलों की बुआई के लिए खेतों की जुताई कर रखी थी। उन्हें भी खेत सूखने के बाद फिर से जुताई करानी पड़ेगी।
- रविवार व सोमवार को बारिश होने के बाद काफी फसल खराब हो चुकी है। काफी नुकसान हो गया है। बारिश आने के दौरान कटी हुई फसल पर त्रिपाल डालकर पानी को रोकने की कोशिश की गई थी। लेकिन कोई कामयाबी नहीं मिली। - सुखबीर सिंह, अहरई
- मैंने करीब बीस दिन पहले 25 बीघा में सरसों की बुआई की थी। सरसों की उगी हुई छोटी-छोटी फसल पानी में डूब कर नष्ट हो गई है। काफी पैसा जुताई, बुआई, खाद व बीज में खर्च किए गए थे। लेकिन बारिश ने काफी नुकसान कर दिया है। - रविंद्र, रामगढ़
- मेरी 15 बीघा की धान की फसल कटी पड़ी थी जो बारिश से खराब हो गई। कुछ दिन पहले ही करीब दस बीघा आलू की बुआई की थी। वह भी खराब हो गया। खेत में लगाई गई लागत निकलना भी मुश्किल है। धान की फसल को तैयार करने में जुताई, बुआई, पानी सहित काफी पैसा लगाया था। - बॉबी, रतमानगढी
- बारिश के कारण कटी पड़ी धान की फसल में काफी नुकसान है। इससे धान का दाना काला पड़ जाएगा, जिससे उसकी गुणवत्ता प्रभावित होगी। बारिश के कारण 15 से 25 फीसदी नुकसान की आशंका है। सरसों की बुआई कर चुकने वाले किसानों को फिर से बुआई करनी पड़ेगी। आलू की अगेती फसल देर से हो पाएगी। सब्जी वाली फसलों में भी पौध का नुकसान होगा। - डॉ एके सिंह, वरिष्ठ वैज्ञानिक व अध्यक्ष कृषि विज्ञान केंद्र हाथरस।
- उच्चाधिकारियों के निर्देश के क्रम में टीमें बनाकर बरसात में क्षति हुई फसल का आकलन कराया जा रहा है। टीमें सर्वे करने के लिए क्षेत्र में भेजी गई हैं। अभी आकलन पूरी तरह से स्पष्ट नहीं हुआ है। धान की फसल लगभग पांच फीसदी कट कर खेत में पड़ी है। उसमें क्षति की संभावना है। - आरके सिंह, जिला कृषि अधिकारी।