न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सादाबाद (हाथरस)
अखिल भारतीय प्रधान संगठन की स्थानीय इकाई के बैनर तले सादाबाद ब्लॉक के ग्राम प्रधानों द्वारा सोमवार को सादाबाद विकास खंड दफ्तर पर खंड विकास अधिकारी अशोक कुमार को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा गया। ज्ञापन में प्रधानों की विभिन्न मांगों पर सरकार द्वारा अभी तक कोई ध्यान न दिए जाने पर 25 नवंबर से काम बंद कर असहयोग आंदोलन चलाने के निर्णय की जानकारी दी गई।
ज्ञापन में ब्लॉक अध्यक्ष व कजरौठी ग्राम पंचायत के प्रधान महाराज सिंह ने कहा कि लखनऊ के रमाबाई आंबेडकर मैदान में संगठन द्वारा विभिन्न मांगों को लेकर 28 अक्तूबर को 40 हजार से अधिक प्रधानों की महारैली आयोजित की गई थी, जिसमें ग्राम प्रधानों ने अपनी मांगों को सरकार के समक्ष रखते हुए उस पर क्रियान्वयन के लिए 15 दिन का समय दिया था, लेकिन समयाविधि समाप्त होने के बाद प्रदेश सरकार द्वारा संगठन की किसी भी मांग पर कोई कार्रवाई नहीं की गई। इस वजह से मजबूर होकर प्रदेश संगठन के आह्वान पर सोमवार को एक दिन का कार्य बहिष्कार करते हुए फिर से ज्ञापन सौंपा जा रहा है। यदि इसके बावजूद मांगों पर समुचित कार्रवाई न की गई तो 25 नवंबर को पूरे प्रदेश में काम बंद करते हुए असहयोग आंदोलन शुरू कर दिया जाएगा। इसकी जिम्मेदारी राज्य सरकार की होगी।
ज्ञापन में मांग की गई कि वर्ष 1993 में पारित 73वें संविधान संशोधन विधेयक के तहत 29 विषय व उनसे जुड़े अधिकार, कोष, कार्य और पंचायत कर्मियों को पंचायतों को सौंपकर सत्ता विक्रेंदीकरण की आदर्श व्यवस्था लागू की जाए। जिला स्तर पर माह में एक बार डीएम व एसपी की अध्यक्षता में पंचायत दिवस मनाया जाए। पंचायत से जुडे़ राजस्व कर्मी, पंचायत कर्मी, आंगनबाड़ी, राशन कोटेदार, सरकारी स्कूल के अध्यापकों की उपस्थिति कार्य प्रमाणन, निलंबन की संस्तुति सहित सभी मामलों में पंचायतों को पूर्ण अधिकार दिए जाएं।
प्रधानों, क्षेत्र पंचायत सदस्यों व जिला पंचायत सदस्यों की सुरक्षा के लिए शस्त्र लाइसेंस जारी करने में प्राथमिकता दी जाए। जिला योजना समिति में प्रधानों को प्रतिनिधित्व दिया जाए। 10 लाख रुपये तक के कार्य के एस्टीमेट पास कराने में ग्राम सभा को पूर्ण अधिकार प्रदान किए जाने सहित 13 सूत्री मांगों को पूरा करने की मांग की गई। इस मौके पर ग्राम प्रधान वेदई मोहित चौहान, प्रधान पूरन सिंह, धर्मेंद्र सिंह, धर्मपाल सिंह, रामबाबू, श्यामवीर सिंह, रनवीर सिंह, अचल सिंह, चंद्रपाल सिंह, राकेश कुमार, नीरज सिंह, सुरेंद्र कुमार, बंटी सिंह आदि मौजूद थे। संवाद