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हाथरस : सरकारी स्कूल के पुराने भवन पर कब्जे को लेकर दो पक्ष आमने-सामने, हंगामा

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हाथरस : सेठजी का तबेला में कब्जे की कोशिश के विरोध में तहसील पर प्रदर्शन करते लोग। संवाद - फोटो : HATHRAS
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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
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शहर के सरक्यूलर रोड स्थित सेठ जी का तबेला पर शुक्रवार की सुबह जब एक पक्ष ने एक सरकारी स्कूल के पुराने भवन पर कब्जा करने की कोशिश की तो वहां रह रहे लोग इनके विरोध में आ गए और हंगामा खड़ा हो गया। इन लोगों ने भाजपा के कुछ नेताओं की अगुवाई में तहसील पर जाकर नारेबाजी कर प्रदर्शन किया। शाम को एसडीएम सदर ने भी इस स्थल का निरीक्षण किया। दूसरे पक्ष ने भी कोतवाली सदर में कुछ लोगों के खिलाफ जबरन चौथ वसूली व धमकाने का आरोप लगाते हुए तहरीर दी है।
शहर के सेठ जी का तबेला, सरक्यूलर रोड की जमीन का विवाद पिछले कई महीने से तूल पकड़ रहा है और इसे लेकर मुकदमे भी दर्ज किए जा चुके हैं। वहां के किराएदार कुछ लोगों पर जबरिया उन मकानों को खाली कराने का आरोप लगा रहे हैं, जिनमें वह कई वर्षों से रह रहे हैं। शुक्रवार को जब एक पक्ष वहां एक सरकारी प्राइमरी स्कूल पर कब्जा करने के लिए पहुंचा तो कुछ लोग इससे विरोध में उतर आए और इन लोगों ने वहां हंगामा कर दिया। तदुपरांत एक पक्ष वहां से लौट आया। इसके बाद सेठ जी का तबेला के काफी लोग भाजपा नेता अर्जुन वाल्मीकि, कृष्णमुरारी वार्ष्णेय, भूपेंद्र कौशिश की अगुवाई में तहसील सदर पहुंच गए। इन लोगों ने वहां नारेबाजी कर ज्ञापन सौंपा।
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एसडीएम सदर अंजलि गंगवार को सौंपे गए ज्ञापन में इन लोगों ने कहा है कि वह लोग इस तबेले में किराएदार हैं व काबिज दाखिल हैं और भूमाफिया के आतंक से परेशान हैं। इन लोगों ने कहा है कि शुक्रवार को कुछ लोग वहां आए और वहां तोड़फोड़ शुरू कर दी। एस सरकारी प्राइमरी स्कूल में भी तोड़फोड़ की। जब इसका विरोध किया तो इन भूमाफियाओं ने वहां धमकी दी। इन लोगों का कहना है कि पहले भी इन लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया जा चुका है, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई है।
शाम को एसडीएम सदर अंजलि गंगवार भी वहां पहुंचीं और इस स्थल का निरीक्षण कर मामले की जानकारी की। वहीं, दूसरी ओर दूसरे पक्ष के शशीकांत बागला निवासी कमला बाजार ने थाना कोतवाली सदर में तहरीर देते हुए कहा है कि उनका एक मुकदमा बेसिक शिक्षा विभाग से बेदखली का चल रहा है। इस मुकदमे में उन्हें दखल मिल गया है। यह विद्यालय अन्य स्थान पर शिफ्ट हो गया है।
उनका कहना है क कि जब न्यायालय के आदेश पर इस भवन को तोड़वाया जा रहा था तो वहां सुबह आठ बजे कुछ नामजद व अज्ञात लोग आ गए। यह लोग उन्हें व उनके कर्मचारियों को भगाने लगे। इन लोगों ने उनके मजदूरों को भगा दिया। साथ ही दस लाख रुपये की चौथ मांगी। इनमें एक ने खुद को आरएसएस व भाजपा का बड़ा नेता बताया और कहा कि मेरी सरकार है और मैं तुझे जेल भिजवा दूंगा। चुपचाप रंगदरी दे दे। उसकी बात सुनकर हम सभी वापस आ गए। उन्होंने इस मामले में रिपोर्ट दर्ज करने की मांग की है। संवाद
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मैंने इस स्थल का निरीक्षण किया। वहां यह यह पाया कि स्कूल पहले से ही बीएसए की रिपोर्ट के आधार पर यहां से दूसरी जगह शिफ्ट कर दिया है। बीएसए ने इस स्कूल के भवन को जीर्ण-शीर्ण घोषित कर दिया था। जिनकी भूमि है, कोर्ट ने उन्हें कब्जे का अधिकार दे दिया है। जिन लोगों की जगह है, वह वहां उसे सही कराने का काम कर रहे थे। कुछ लोगों को आपत्ति है। मैंने उन लोगों से कहा है कि वह अपनी बात न्यायालय में रख सकते हैं। शांति व्यवस्था बनाए रखें। कोतवाली निरीक्षक को भी शांति व्यवस्था बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं।
-अंजलि गंगवार, एसडीएम सदर
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