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हाथरस : धनौली में बुखार से चार दिन में दो सगे भाइयों की मौत

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हाथरस : गांव नगला कल्हू में स्वास्थ्य विभाग द्वारा लगाया गया शिविर। संवाद - फोटो : SADABAD
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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
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नगर और क्षेत्र में जानलेवा बुखार का कोहराम जारी है। क्षेत्र के गांव धनौली में चार दिन में एक ही परिवार के दो बच्चों की मौत हो गई। शुक्रवार की सुबह बीमार दूसरे मासूम नौ साल के बच्चे की भी मौत बुखार से हो गई, जबकि इन बच्चों का पिता भी अस्पताल में बुखार से जिंदगी मौत से जूझ रहा है। पूरे गांव में बुखार से पीड़ितों की घर घर में चारपाई बिछी हुई है।
जानकारी के मुताबिक, गांव धनौली निवासी असलम के नौ वर्षीय बेटे आमिर, 11 बर्षीय बेटे साहिल और खुद असलम को पिछले कई दिनों से बुखार आ रहा था। उनका उपचार टूंडला के अस्पताल में चल रहा था। दो दिन पहले 13 अक्तूबर को बुखार से जंग लड़ते लड़ते साहिल की मौत हो गई, इससे परिवार में कोहराम मचा हुआ था। इसी के बीच असलम के दूसरे नौ वर्ष के बेटे आमिर ने भी शुक्रवार को अस्पताल में उपचार के दौरान दम तोड़ दिया। इससे परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। इधर, खुद असलम भी अस्पताल में बुखार की चपेट में आकर जिंदगी मौत से जूझ रहा है। इस घटना से पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई है। हर कोई असलम के जल्द स्वस्थ्य होने की ईश्वर से प्रार्थना कर रहा है।
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बुखार से हालात बेहद बुरे, न दवा काम आ रही, न दुआ
सादाबाद। सादाबाद और सहपऊ में जानलेवा बुखार ने इस कदर कोहराम मचा रखा है कि निजी अस्पताल मरीजों से भरे पड़े हैं। बेड खाली तक नहीं है। कोरोना से भी बुरे हालातों से लोग जूझ रहे हैं। सुबह से लेकर पूरी पूरी रात मेडिकल स्टोरों पर मरीजों व उनके तीमारदारों की भीड़ लग रही है। मेडिकल स्टोर पर दवा का स्टॉक पल भर में समाप्त हो रहा है। हालात इतने बुरे हैं कि बुखार से लोग तड़प रहे हैं, लेकिन न दवा फायदा कर रही है और न दुआएं काम आ रही हैं। अब तक कई लोगों की बुखार से मौत हो चुकी है।
नगर और क्षेत्र में बड़ी संख्या में निजी क्लीनिक और लैब हैं। सरकारी स्वास्थ्य केंद्र पिछले दो दिन से अवकाश की वजह से बंद हैं। ऐसे में इन निजी क्लीनिकों व लैबों पर काफी संख्या में मरीजों की लाइन लग रही है। हालात इतने बुरे हैं कि इलाज के लिए मारामारी की स्थिति है। सुबह से लेकर रात तक इन पर भीड़ देखी जा सकती है। कहीं कहीं तो स्थिति ऐसी है कि सुबह से लाइन में लग जाने के बाद दोपहर तक नंबर आ पा रहा है। मेडिकल स्टोर पर भी मेडिकल संचालक खुद डॉक्टर बन गए हैं। वह बगैर किसी चिकित्सक के पर्चे के बिना ही मरीजों को दवाएं दे रहे हैं। सादाबाद के काफी मरीज आगरा, टूंडला, अलीगढ़, मथुरा के निजी अस्पतालों में उपचाररत हैं।
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नगला कल्हू में टीम ने शिविर लगाकर बांटी दवा
सादाबाद। गांव कंजौली व उसके माजरा नगला कल्हू में भी बुखार ने कोहराम मचा रखा है। शुक्रवार को स्वास्थ्य महकमे की टीम ने गांव नगला कल्हू में शिविर लगाया। इस दौरान करीब 75 लोगों का उपचार कर दवा बांटी गई। टीम में शामिल डॉ. प्रेमपाल, डॉ. मनीष द्वारा लोगों को बुखार जैसे संक्रामक रोगों से बचने के संबंध में उचित परामर्श दिया गया। संवाद
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