संवाद न्यूज एजेंसी, सासनी।
आजादी के वर्षों बाद भी क्षेत्र की जनता बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं के लिए मोहताज है। इलाज के लिए मरीज आज भी आसपास के नगर और जिलों पर निर्भर हैं। आपातकालीन की तो बात छोड़ दें, यहां प्राथमिक चिकित्सा सुविधा का ही ठीक-ठाक इंतजाम नहीं है। क्षेत्र में कोई विशेषज्ञ डॉक्टर नहीं है।
कस्बे में दो स्वास्थ्य केंद्र हैं, लेकिन इनमें संसाधनों का अभाव है। अगर कोई गंभीर मरीज यहां पहुंच जाए तो उसे तत्काल रेफर कर दिया जाता है। संसाधनों की कमी से कोई भी चिकित्सक यहां रात्रि विश्राम नहीं करना चाहता। गर्मी के मौसम की शुरुआत के साथ ही क्षेत्र में संक्रामक बीमारियों का प्रकोप भी शुरू हो गया है, लेकिन जनता की बीमारी के अनुरूप स्वास्थ्य केंद्र पर दवाएं भी उपलब्ध नहीं हैं।
स्वास्थ्य केंद्र पर बनी प्रयोगशाला का हाल बेहाल है। यहां जरूरी रसायनों के अभाव में खून की जांचें नहीं हो पातीं। मधुमेह (शुगर) के मरीजों की जांच के लिए करीब एक साल से मशीन एवं स्ट्रिप नहीं है। इस कारण इस सामान्य जांच के लिए भी मरीजों को निजी प्रयोगशालाओं की मदद लेनी पड़ती है और वहां खर्चा करके जांच करानी पड़ती है।
प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. एसपी सिंह का कहना है कि प्रयोगशाला के माध्यम से स्वास्थ्य केंद्र पर जांच तो होती हैं, लेकिन मधुमेह की जांच में मशीन एवं स्ट्रिप की कमी के कारण अवरोध हो रहा है। जल्द ही जरूरी रसायन और उपकरणों की उपलब्धता यहां सुनिश्चित की जाएगी।