हाथरस : आंधी में उड़ी बस की छत को उतारते चालक-परिचालक। संवाद
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न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
हाथरस डिपो की जर्जर बसें यात्रियों के लिए मुसीबत बन रही हैं। ये बसें निर्धारित किलोमीटर के साथ अपनी अवधि भी पूरी कर चुकी हैं, लेकिन आमदनी बढ़ाने के लिए इन बसों को मार्गों पर दौड़ाया जा रहा है। सोमवार को आई आंधी के दौरान मथुरा में हाथरस डिपो की एक बस की छत उड़ गई, जिससे यात्रियों में खलबली मच गई।
हाथरस डिपो में वर्तमान में 77 बसें हैं। इनमें से कई बसें जर्जर हैं। डिपो के अधिकारी कहते हैं कि मुख्यालय से किलोमीटर व इनकी वैद्यता अवधि में बदलाव कर दिया गया है। इस कारण इन बसों को चलाया जा रहा है। सोमवार को हाथरस डिपो की बस संख्या यूपी 81 एफ-1754 मथुरा गई थी। मौसम खराब होने के चलते तेज आंधी आई। इस दौरान डिपो की बस छत उड़ गई। छत उड़ने के कारण वहां मौजूद यात्री बाल-बाल बच गए। यात्रियों में अफरा-तफरी मच गई।
चालक-परिचालक बस की छत को उतारने में जुट गए। बस की छत उड़ने के वीडियो भी सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है। सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक (एआरएम) हाथरस डिपो शशी रानी का कहना है कि बस की छत में दो परत होती है। ऊपर की चादर और रिपिट आदि ढीली होने के कारण हवा के दबाव से चादर उड़ी है। चालक-परिचालक ने बस को रोककर चादर को उतार लिया, जिससे कोई हादसा न हो। संवाद