संवाद न्यूज एजेंसी, हाथरस।
यूपी बोर्ड परीक्षा की तैयारी में जुटे शिक्षा विभाग ने इस बार कक्ष निरीक्षक, परीक्षकों और परीक्षा ड्यूटी में लगे अन्य कार्मिकों का डाटा मांगा है, ताकि उनकी यूनिक आईडी व पहचान पत्र बनाए जा सकें। इसके लिए 20 फरवरी की तिथि निर्धारित की गई है।
प्रधानाचार्यों को निर्देशित किया गया है कि परीक्षा ड्यूटी में लगने वाले उन शिक्षकों का ही डाटा दिया जाए, जो वास्तविकता में शिक्षक हैं। किसी बाहरी व्यक्ति व अपात्र का नाम मिलने पर संबंधित प्रधानाचार्य और शिक्षक के खिलाफ कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
जिला विद्यालय निरीक्षक (डीआईओएस) ऋतु गोयल ने बताया कि इस साल बोर्ड परीक्षा में नियुक्त किए जाने वाले कक्ष निरीक्षकों, परीक्षकों और अन्य कार्मिकों को यूनिक आईडी के साथ पहचान पत्र जारी किया जाएगा।
इसके लिए सभी विद्यालयों के प्रधानाचार्यों को पत्र जारी कर शिक्षकों की नवीनतम फोटो, आधार कार्ड, शैक्षिक प्रमाणपत्रों की स्कैन कॉपी, बैंक की खाता संख्या, आईएफएससी कोड, बैंक का पता, मोबाइल नंबर सहित पूरा डाटा परिषद की वेबसाइट पर अपलोड करने के निर्देश दिए गए हैं।
हिदायत दी है कि विवरण अपलोड करते समय ध्यान रखें कि मृतक या विद्यालय छोड़ चुके शिक्षकों की सूचना अपलोड न की जाए। शिक्षकों के अलावा किसी भी शिक्षणेत्तर कर्मचारी का नाम भी अपलोड न करें। वेबसाइट पर 20 फरवरी तक यह डाटा अपलोड कराना होगा।