न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
अब डिग्री कॉलेजों के शिक्षक-शिक्षिकाओं व कर्मचारियों की हाजिर भी बायोमैट्रिक मशीन में अंगूठा लगाकर लगेगी। इसे लेकर राजा महेेंद्र प्रताप सिंह राज्य विश्वविद्यालय (आरएमपीयू) अलीगढ़ ने सभी डिग्री कॉलेजो को पत्र जारी किया है। कॉलेजों के प्राचार्यों से 15 जुलाई तक बायोमैट्रिक हाजिरी की व्यवस्था करने को कहा गया है। 16 जुलाई से प्रतिदिन कॉलेज की लॉगिन आईडी से विश्वविद्यालय की वेबसाइट पर शिक्षकों की हाजिरी अपलोड होगी।
जिले में 86 से अधिक डिग्री कॉलेज हैं। ये सभी डिग्री कॉलेज अब राजा महेंद्र प्रताप सिंह राज्य विश्वविद्यालय अलीगढ़ से संबद्ध कर दिए गए हैं। इन कॉलेजों में कार्यरत शिक्षकों की उपस्थिति अब बायोमैट्रिक प्रणाली से लगेगी, क्योंकि राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 में शिक्षा की गुणवत्ता पर विशेष जोर दिया गया है और डिग्री कॉलेजों में समय सारिणी के अनुसार पठन-पाठन को सुचारु रूप से संचालित कराने के लिए समय-समय पर उच्च शिक्षा विभाग, प्रदेश शासन और कुलाधिपति सचिवालय से भी निर्देश जारी किए जा रहे हैं। कॉलेजों में संचालित पाठ्यक्रमों में नियमित शिक्षण कार्य के लिए शिक्षकों की उपलब्धता आवश्यक है। शिक्षकों की उपस्थिति के लिए प्रत्येक डिग्री कॉलेज में बायोमैट्रिक मशीन और इंटरनेट कनेक्टिविटी होना आवश्यक है।
इसे कुलसचिव महेश कुमार ने डिग्री कॉलेजों में अनुमोदित एवं कार्यरत शिक्षकों की प्रतिदिन की उपस्थिति के लिए इंटरनेट कनेक्टिविटी के साथ बायोमैट्रिक मशीन (हृढ्ढञ्जत्रश्वहृ ॥ड्डद्वह्यह्लद्गह्म् ष्ठङ्ग ञ्जरू) 15 जुलाई 2022 तक लगवाने के निर्देश दिए हैं, ताकि 16 जुलाई से प्रतिदिन की उपस्थिति विश्वविद्यालय की वेबसाइट पर कॉलेज संचालक अपने कॉलेज की लागिन आईडी से विश्वविद्यालय को भेज सकें। संवाद
बायोमैट्रिक मशीन लगाए जाने के संबंध में विश्वविद्यालय के कुल सचिव का पत्र प्राप्त हुआ है, लेकिन इसका शिक्षक संघ द्वारा विरोध किया जा रहा है। आगे जो भी आदेश होगा, उसके हिसाब से कार्रवाई की जाएगी।
-डॉ. अतीत श्रीवास्तव, प्राचार्य सरस्वती डिग्री कॉलेज