न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत हुए सोशल ऑडिट में जिले में 8,998 लाभार्थी अपात्र पाए गए हैं। यह लाभार्थी निर्धारित मानक के विपरीत योजना का लाभ ले रहे थे। अब इन अपात्रों से शासन द्वारा अब तक इस योजना के तहत दी गई धनराशि की वसूली की जाएगी। इसे लेकर कृषि विभाग की ओर से कार्रवाई शुरू कर दी गई है। इनकी जगह कृषि विभाग द्वारा चयनित किए गए 2,478 नए लाभार्थियों को पात्रता सूची में शामिल किया जाएगा।
पीएम किसान सम्मान निधि योजना में जिले के 1.90 लाख किसानों को लाभान्वित किया जा रहा है। इन लाभार्थियों को प्रतिमाह दो हजार रुपये के हिसाब से तीन माह की एकमुश्त किस्त दी जाती है। कृषि विभाग को पीएम किसान सम्मान निधि योजना में अपात्रों द्वारा योजना का लाभ लिए जाने की शिकायतें मिल रही थीं। इन शिकायतों पर कई बार जांच कराई गई। जांच में सरकारी नौकरी पेशा, आयकर दाता किसान सहित अन्य योजना के अपात्र योजना का लाभ लेते हुए मिले। इनके नाम पात्रता सूची से अलग किए गए।
इन शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए कृषि विभाग की ओर से योजना का सोशल ऑडिट कराया गया। ऑडिट में जिले की सभी ग्राम पंचायतों कवर किया गया। ऑडिट में कृषि विभाग की ओर से 966 कर्मचारियों को लगाया गया है। इस दौरान जिले में 8,998 लाभार्थी अपात्र पाए गए हैं। इन आंकड़ों को देखकर अफसर हैरान हैं। अब इन अपात्रों द्वारा अब तक इस योजना के तहत ली गई धनराशि का पूरा ब्योरा निकाला जा रहा है। इसके आधार पर उनसे इस धनराशि की वसूली की जाएगी। संवाद
शासन के निर्देश पर पीएम किसान सम्मान निधि योजना में सोशल ऑडिट कराया गया था। इसमें 8,998 किसान अपात्र पाए गए हैं। अपात्र किसानों से धनराशि की वसूली की जाएगी। इनमें सरकारी नौकरी पेशा के साथ आयकरदाता व अन्य अपात्र भी शामिल हैं।
-हंसराज, उपकृषि निदेशक