न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
शहर में कई प्राथमिक स्कूलों का हाल-बेहाल है। बच्चे कहीं जर्जर भवनों में बैठकर शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं और मौत का साया उनके ऊपर हमेशा मंडराता रहता है तो कहीं परिषदीय स्कूलों में शौचालय तक की व्यवस्था नहीं है। कई स्कूलों में बैठने के लिए बैंच तक की व्यवस्था नहीं है। भीषण गर्मी में बच्चे जमीन पर बैठकर पढ़ने के लिए मजबूर हैं। मंगलवार को शहर के कई परिषदीय स्कूलों की स्थिति जब देखी तो वहां अव्यवस्थाओं का बोलबाला मिला।
शहर में आर्य समाज प्राथमिक विद्यालय अलीगढ़ रोड गांधी पार्क के पास बंशीधर वाटिका में संचालित हैं। वर्तमान में 55 बच्चे पंजीकृत हैं। इस विद्यालय का भवन बेहद जर्जर हालत में हैं। वर्तमान में यह विद्यालय धर्मशाला में चल रहा है। विद्यालय की शिक्षिका वर्तमान में अवकाश पर चल रही हैं। इस कारण शिक्षामित्र मीरा बच्चों को शिक्षा ग्रहण करा रही हैं। इस भवन को लेकर हमेशा आशंका बनी रहती है। संवाद
विद्यालय के शिक्षक एक माह के लिए छुट्टी गए हैं। विद्यालय का भवन तो पूरी तरह जर्जर हालत में है। यह विद्यालय धर्मशाला में चल रहा है। धर्मशाला के सबमर्सिबल से पानी का इंतजाम किया जाता है।
-मीरा, शिक्षामित्र, आर्य समाज प्राथमिक विद्यालय।
शौचालय न होने से बच्चे खुले में जाते हैं लघुशंका
हाथरस। शहर के रमनपुर स्थित प्राथमिक विद्यालय की बात करें तो यहां वर्तमान में 65 बच्चे पंजीकृत हैं। यह विद्यालय एक बड़े कमरे में संचालित हो रहा है। यहां बच्चों को टाट पट्टी जमीन पर बैठना पड़ रहा है। इस स्कूल में शौचालय तक की व्यवस्था नहीं है। ऐसे में बच्चों को खुले में लघुशंका जाना पड़ता है।
इस विद्यालय में शौचालय नहीं हैं। बच्चों को मजबूरी में बाहर खुले में लघुशंका जाना पड़ता है। अन्य समस्याएं भी हैं।
- रेखा शर्मा, शिक्षामित्र
मुझ पर कुछ दिन के लिए कार्यभार है। इस तरह का मामला मेरा संज्ञान में नहीं है। यदि विद्यालयों में अव्यवस्थाएं हैं तो में जानकारी कर उनका निदान कराने की कोशिश की जाएगी।
- उदित कुमार, कार्यवाहक बीएसए