न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
ग्रामीण क्षेत्र में जल संचयन और भूगर्भ जल स्तर सुधारने के लिए विभिन्न कारणों से अधूरे पड़े 136 तालाबों को जल्द का जल्द ही जीर्णोद्धार किया जाएगा, जिससे वर्षा का जल संरक्षित किया जा सके। मनरेगा के तहत इन तालाबों के जीर्णोद्घार की कार्रवाई पूरी की जाएगी, जिससे ग्रामीणों को अपने ही गांवों में रोजगार मिल सके।
शासन के निर्देश पर जल संचयन के लिए प्रशासन की ओर से समय-समय पर वाजिब कदम उठाए जा रहे हैं। इस क्रम में अब वर्षा के जल को संरक्षित करने के लिए प्रशासन की ओर से खाका खींच लिया गया है। ग्रामीण क्षेत्र में 136 तालाब ऐसे हैं, जिन पर करीब 10 फीसदी काम पिछले दिनों में हो चुका है। अब इन तालाबों की सूची तैयार कर ली गई है। इन तालाबों के पूर्ण जीर्णोद्धार की तैयारी प्रशासन की ओर से कर ली गई है।
इन तालाबों में मनरेगा के तहत खुदाई आदि कार्यों को पूरा कराया जाएगा। यह कार्य प्रशासन की ओर से एक साथ सभी तालाबों पर 21 अप्रैल से शुरू किया जाएगा। इसके लिए पूरी कार्ययोजना तैयार कर ली गई है। खेलकूद के मैदानों को तैयार किए जाने के निर्देश जारी कर दिए गए हैं। परियोजना निदेशक (पीडी) एके मिश्र ने बताया कि मनरेगा से अधूरे पड़े तालाबों को सही कराकर जल संचयन के लिए तैयार किया जाएगा, जिससे वर्षा के जल को संरक्षित किया जा सके। संवाद