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हाथरस : रेफर सेंटर बनकर रह गया सहपऊ का सीएचसी

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हाथरस : सहपऊ सीएचसी का भवन। संवाद - फोटो : SHAPHU
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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सहपऊ (हाथरस)
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सरकार ने कई वर्ष पूर्व लोगों को चिकित्सा की सुविधा देने के लिए कस्बे में 30 बेड के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) का निर्माण कराया था। बाद में इसका नाम स्वतंत्रता संग्राम सेनानी स्वर्गीय सुनहरीलाल आजाद के नाम पर रख दिया गया। बनने के बाद से ही यह सीएचसी सुविधाओं की कमी का शिकार है। यहां हमेशा डॉक्टरों के साथ अन्य स्टाफ की काफी कमी रहती है। चिकित्सा उपकरणों के नाम पर कुछ नहीं है। एक्सरे और अल्ट्रासाउंड मशीन नहीं है। प्रयोगशाला में खानापूरी की जा रही है। प्रयोगशाला में जांचों के लिए दवाएं व केमिकल तो हैं, लेकिन लैब तकनीशियन नहीं हैं। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र मानिकपुर में तैनात सहायक को बुलाकर मरीजों की जांच कराई जाती हैं।
सीएचसी पर स्त्री रोग विशेषज्ञ के साथ अन्य रोगों के भी विशेषज्ञ चिकित्सक नहीं हैं। अब दांतों की जांच की मशीन भी आ गई है। स्त्री रोग विशेषज्ञ नहीं होने के कारण यहां साधारण प्रसव ही किया जाता है। गंभीर रोगी को यहां से दूसरी जगह के लिए रेफर कर दिया जाता है। संवाद
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नगर पंचायत के आवास में चल रहा आयुर्वेदिक अस्पताल
आजादी से पहले कस्बे का आयुर्वेदिक अस्पताल किराये की दुकान में चलता था। वर्तमान में इसका संचालन नगर पंचायत कर्मियों के लिए बने आवास में हो रहा है। हालांकि इसके निर्माण के लिए नगर पंचायत कार्यालय के बाहर जमीन भी पड़ी हुई है, लेकिन इसके लिए अलग भवन के निर्माण की पहल नहीं की गई। आयुर्वेदिक स्वास्थ्य केंद्र पर भी डॉक्टरों की कमी है। एक ही डॉक्टर खोंड़ा और कस्बे में मरीजों को देखता है। उन्होंने इन दोनों जगहों पर बैठने के लिए दिन तय कर रखे हैं।
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यहां तो सभी गंभीर बीमारी के मरीजों को हाथरस अथवा आगरा रेफर कर दिया जाता है। यह तो रेफर अस्पताल बन चुका है।
- नीरू
सभी को एक जैसी ही दवा दी जाती है, वह भी कम असरदार होती है। एक्सरे आदि की कोई सुविधा नहीं है।
-उमेश कुमार
सीएचसी पर चिकित्सा के लिए ऐसे कोई उपकरण नहीं हैं, जिससे मरीज को जांच के लिए बाहर न जाना पड़े।
-राहुल वार्ष्णेय
इस अस्पताल में कोई भी स्त्री रोग विशेषज्ञ नहीं है। महिलाओं को अपने इलाज के लिए आगरा, हाथरस एवं अलीगढ़ जाना पड़ता है।
- पूनम वार्ष्णेय
मेरा मानना है कि सीएचसी पर कर्मियों एवं डॉक्टरों की कमी है। इसे दूर करना शासन का कार्य है। विभाग की ओर से जितनी दवाएं और सुविधाएं सीएचसी पर मिलती हैं, उन्हें हम पूरी ईमानदारी से मरीजों तक पहुंचाते हैं। हमारा यही प्रयास है कि सीएचसी पर आने वाले प्रत्येक मरीज को अधिक से अधिक लाभ पहुंचाएं।
- डॉ. आरके वर्मा, सीएचसी प्रभारी
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