न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
गांव में अब एक पेड़ काटा तो उसके लिए वन विभाग से अनुमति लेनी होगी। पेड़ काटने के बाद उसके बदले में पांच पौधे लगाने होंगे और उसका प्रमाणपत्र भी कार्यालय में जमा करना होगा। पर्यावरण को लेकर जिले का वन विभाग की सख्त रुख अपना रहा है।
उल्लेखनीय है कि प्रदेश सरकार द्वारा साल-दर-साल पर्यावरण को बढ़ाने के लिए पौधरोपण के लक्ष्य को बढ़ाया जा रहा है। इस साल जिले में करीब 24 लाख पौधों का रोपण किया गया है। पर्यावरण के संतुलन को ध्यान में रखते हुए वन विभाग ने भी अब सरकार के साथ कमर कस ली है। पेड़ काटने वालों से अब सख्ती से निपटा जाएगा। यदि किसी पेड़ को काटना अति आवश्यक है तो उसके लिए वन विभाग से अनुमति लेने की प्रक्रिया को पूरा करना होगा। उसके बदले में पांच पौधे लगाने होंगे।
उनकी देखभाल की जिम्मेदारी भी लेनी होगी। उसका प्रमाणपत्र वन विभाग के कार्यालय में जमा करना होगा। यदि कोई व्यक्ति इस नियम पर अमल नहीं करता है तो वन विभाग द्वारा उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। क्षेत्रीय वन अधिकारी एसआर ओझा का कहना है कि एक पेड़ काटने के बाद पांच पौधे रोपने होंगे। उनकी देखभाल करनी होगी। पौधे लगाने के बाद कार्यालय में प्रमाणपत्र देना होगा। संवाद