न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
सासनी मंडी में न पानी की निकासी हुई और न हीं मंडी में बनी दुकानों की छतों की मरम्मत हुई है। इस कारण सासनी मंडी के आढ़तियों को मुश्किलों से जूझना पड़ रहा है। पौने दो करोड़ रुपये की लागत से मंडी में विभिन्न काम होने थे, लेकिन हालात जस के तस हैं। इसे लेकर दुकानदार परेशान हैं।
उल्लेखनीय है कि सासनी मंडी में जलभराव और अन्य कार्यों का प्रस्ताव तैयार कर शासन को भेजा गया था। मंडियों को हाईटेक करने की बात को ध्यान में रखते हुए सासनी मंडी के लिए पौन दो करोड़ रुपये मंजूर हो गए। इस धनराशि से नाला निर्माण, दुकानों की छतों, टिनशेड के अलावा मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने की योजना थी। मंडी सचिव यशपाल सिंह का कहना है कि चार माह से निर्माण निगम कार्य कर रहा है। पता नहीं निगम ने मंडी में क्या काम किया।
हकीकत यह है कि बारिश के दौरान मंडी में होने वाले जलभराव के कारण आढ़तियों को काफी मुश्किलों से जूझना पड़ रहा है। जलभराव से मंडी का कामकाज प्रभावित हो रहा है। इसे लेकर आढ़तियों में आक्रोश है। मंडी सचिव का कहना है कि निर्माण निगम द्वारा चार माह में आज तक जलनिकासी नहीं की गई है। दुकानों की छतों को भी सही नहीं किया गया है। वह इस संबंध में आला अफसरों से पत्राचार करेंगे। संवाद