हाथरस : रामलीला बाडे़ में श्रीकृष्ण लीला का मंचन करते कलाकार। संवाद
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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
शहर के रामलीला मैदान में चल रहे श्रीरामलीला महोत्सव में सुबह श्रीकृष्ण लीला में भगवान श्रीकृष्ण के जन्म का उत्सव मनाया गया। बरसाना की गौरांग प्रेम रस माधवी रासलीला संस्था के कलाकारों ने विश्वामित्र आगमन, पुष्प वाटिका में मां सीता से प्रथम मिलन तक की लीलाओं का मंचन किया।
शनिवार की सुबह कृष्ण लीला में कंस के कारागार में भगवान श्रीकृष्ण का जन्म हुआ। भगवान वासुदेव को आज्ञा देते हैं कि आप मुझे गोकुल पहुंचा दो। वहां से यशोदा मैया की कन्या को लेकर कंस को दे दो। आप जब मुझे लेकर चलेंगे तो आपके हाथों की हथकड़ी, पैरों की बेड़ी कट जाएंगी। जेल के सभी ताले खुल जाएंगे। पहरेदार सब सो जाएंगे।
भगवान बाल स्वरूप धारण कर लेते हैं। वासुदेव जी भगवान को सूप में रखकर गोकुल के लिए प्रस्थान करते हैं। यमुना जी में अधिक जल होने के कारण वासुदेव जी डूबने लगते हैं, किंतु भगवान अपना चरण सूप से बाहर निकालकर यमुना जी से स्पर्श करा देते हैं। यमुना जी शांत हो जाती हैं। उसके बाद गोकुल में पहुंचकर भगवान का जन्मोत्सव मनता है। संवाद