न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
मुठभेड़ में दबोचे गए एक लाख रुपये के इनामी गौरव और 40 हजार रुपये के इनामी सोनू को बुधवार को पुलिस ने यहां न्यायालय में पेश किया। इसके उपरांत सोनू को जहां जेल भेजा गया है, वहीं गौरव को उपचार के लिए अलीगढ़ मेडिकल कॉलेज भेजा गया है। पुलिस से मुठभेड़ में इन दोनों के गोलियां लगी थीं। इससे पहले रात्रि में पुलिस ने इनसे पूछताछ की तो कई अहम जानकारियां भी हासिल कीं।
उल्लेखनीय है कि मंगलवार की रात्रि में सासनी, हाथरस गेट और एसओजी टीम को एक संयुक्त कार्रवाई कर बड़ी सफलता हासिल हुई थी। कोतवाली निरीक्षक सासनी गौरव सक्सेना, हाथरस गेट कोतवाली निरीक्षक जगदीशचंद्र व एसओजी प्रभारी मुनीशचंद्र की अगुवाई में पुलिस टीम ने सासनी-इगलास रोड पर एक लाख रुपय के इनामी गौरव शर्मा उर्फ रुद्राक्ष पंडित पुत्र मुनेेश निवासी सोंगरा जवां अलीगढ़ हाल पता इकोना जिला श्रावस्ती व उसके एक साथी सोनू तोमर उर्फ श्याम सिंह पुत्र पप्पू उर्फ राजेंद्र सिंह निवासी चिंते का पुरा थाना दिमनी जिला मुरैना मध्य प्रदेश को दबोच लिया था।
पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर वहां घेराबंदी की थी तो गौरव, सोनू व इनका एक अन्य साथी क्रेटा कार में वहां से जा रहे थे। घेराबंदी पर गौरव व सोनू को क्रेटा गाड़ी से निकलकर पुलिस टीम पर फायरिंग कर भागने लगे, जबकि इनका तीसरा साथी गाड़ी लेकर भाग गया। पुलिस ने भी जवाबी फायरिंग की थी। इसमें गौरव व सोनू दोनों के पैरों में गोलियां लगी थीं।
इनके पास से पुलिस को अवैध पिस्टल, तमंचा व कुछ कारतूस मिले थे। पुलिस ने इन दोनों को उपचार के लिए जिला अस्पताल ेमें दाखिल कराया था। गौरव उर्फ रुद्राक्ष पंडित पर एक लाख रुपये का इनाम था। आरोप है कि एक मार्च को सासनी क्षेत्र के एक गांव में एक किसान की उसने तीन अन्य लोगों के साथ मिलकर हत्या की थी। पुलिस की मानें तो गौरव काफी दबंग है। इस गांव में उसकी मौसी रहती है। उसने वहां एक लड़की के साथ छेड़खानी की थी।
लड़की के पिता ने इसका मुकदमा दर्ज कराया था और गौरव उस मुकदमे में जेल भी गया था। वह जमानत पर छूटकर आया था। उसके बाद वह इस लड़की के पिता पर मुकदमा वापस लेने का दबाव बनाने लगा था। लड़की का पिता किसान था। उसने जब मुकदमा वापस लेने से मना कर दिया था। तब गौरव ने दिन दहाड़े कुुछ लोगों के साथ मिलकर उसकी गोलियों से भूनकर हत्या कर दी थी। इस मामले को लेकर खासा बखेड़ा भी हुआ था और सियासत भी गरमाई थी। इस मुकदमे में नामजद ललित, रोहिताश व निखिल को पुलिस ने पहले ही गिरफ्तार कर लिया था, जबकि गौरव पुलिस की पकड़ में नहीं आया था। मामला तूल पकड़ता देख उसके ऊपर एडीजी ने एक लाख रुपये का इनाम घोषित किया था।
गौरव को 50 दिन से पुलिस तलाश रही थी। वहीं उसके साथ गिरफ्तार किया गया सोनू भी मध्य प्रदेश का शातिर बदमाश है। पुलिस की मानें तो वह वहां एक प्रॉपर्टी डीलर की हत्या के मामले में वांछित है। वह वहां चर्चित परमाल गैंग का सदस्य है और 20 माह पहले ग्वालियर में पंकज सिकरवार की हत्या की थी। 20 महीने से वहां की पुलिस उसे तलाश रही थी। मुरैना में भी हत्या के प्रयास के एक मामले में वह आरोपी है।
ग्वालियर की पुलिस ने उस पर 30 हजार और मुरैना पुलिस ने उस पर 10 हजार रुपये का इनाम घोषित कर रखा था। दोनों के एक साथ पकड़ में आने के बाद पुलिस काफी प्रसन्नचित्त दिखी। एसपी विनीत जायसवाल ने इस टीम को 25 हजार रुपये का इनाम देने की घोषणा की थी। अब बुधवार को इन दोनों आरोपियों गौरव व सोनू को पुलिस ने यहां न्यायालय के समक्ष पेश किया। सोनू को जहां जेल भेजा गया है। वहीं गौरव को इलाज के लिए फिलहाल मेडिकल कॉलेज अलीगढ़ भेजा गया है।
हाथरस : मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार किए गए सोनू को कोर्ट में पेशी के लिए ले जाती पुलिस।- फोटो : HATHRAS