न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
इस साल भी कई बड़ी वारदातों ने जिले को झकझोर कर रख दिया। कई सनसनीखेज हत्याकांड भी इस साल हुए तो कई बवाल भी हुए। कई बच्चियां व किशोरियां इस साल हवस का शिकार बनीं। शराब पीने के बाद यहां भी संदिग्ध हालात में कई मौतें हुईं। कई घटनाओं में खून के रिश्ते भी कलंकित हुए। कई दर्दनाक हादसे भी इस साल हुए। पंचायत चुनाव में मतगणना के दौरान खासा उपद्रव हुआ। साल में कई बार पुलिस का भी लोगों से टकराव हुआ। साल के अंतिम माह में अहेेरिया समाज ने रेलवे ट्रैक को आठ घंटे तक जाम रखकर अपने आंदोलन की गूंज लखनऊ और दिल्ली तक पहुंचा दी।
इस साल के पहले माह में दो जनवरी को चंदपा क्षेत्र में रिश्ते के एक मामा ने डेढ़ साल की मासूम बच्ची के साथ दुष्कर्म किया। वहीं सिकंदराराऊ में चार जनवरी को नगला जलाल के निकट एक ट्रक ने एक बोेलेरो गाड़ी को टक्कर मार दी और चार लोगों की दर्दनाक मौत हो गई। इस साल सासनी क्षेत्र का किसान हत्याकांड काफी चर्चाओं में रहा। एक मार्च को खेत में किसान को गोलियों से भून दिया गया। उसकी हत्या इसलिए की गई, क्योंकि उसने अपनी बेटी से छेड़खानी करने वाले युवक की शिकायत की थी। यह मामला काफी सुर्खियों में रहा और पुलिस ने मुख्य आरोपी गौरव सोंगरा पर एक लाख रुपये का इनाम घोषित कर दिया था। अगले माह पुलिस ने मुठभेड़ में उसे गिरफ्तार कर लिया था। अलीगढ़ में पिछले साल शराब पीने के बाद काफी मौतें हुई तो इस साल हाथरस में भी संदिग्ध हालात में कई मौतों से प्रशासन को परेशान किए रखा।
15 अप्रैल को पंचायत में मतदान के बाद सहपऊ के गांव थरौरा और फिर थाना सहपऊ पर खासा बवाल हुआ। एक युवक की मौत की अफवाह से सहपऊ में जमकर अराजकता हुई थी और थाने में घुसकर उपद्रवियों ने जमकर तोड़फोड़ की थी और पुलिसकर्मियों के साथ मारपीट की थी। इसके उपरांत 28 अप्रैल को कुलदेवता पर शराब चढ़ाकर पीने के बाद छह लोगों की संदिग्ध हालात में मौत और सात लोगों की हालत गंभीर होने का मामला काफी सुर्खियों में रहा। इसके बाद कई और लोग संदिग्ध अवस्था में मरे। पांच मई को गांव कपूरा में भी पांच लोगों की संदिग्ध हालात में मौत हुई। 20 मई को फेसबुक पर हुई दोस्ती के बाद हुए विवाद में एक युवक ने हाथरस जंक्शन क्षेत्र के एक गांव में एक युवती को उसके घर पहुंचकर ही गोली से उड़ा दिया था। हमलावर को लोगों ने पकड़ लिया था।
30 मई को हसायन के गांव सांकरपुर में एक युवक ने अपनी मौसेरी बहन की चाकू घोंपकर हत्या कर दी थी और फिर खुद भी अपने पेट में चाकू घोंपकर जान दे दी थी। 10 जुलाई को ब्लॉक प्रमुख के चुनाव की मतगणना के दौरान सिकंदराराऊ में खासा बवाल हुआ। इस दौरान पथराव, फायरिंग, बसों में तोड़फोड़ हुई और पुलिस का सपाइयों का टकराव भी हुआ। सपाइयों व अन्य लोगों के खिलाफ कई मुकदमे भी पुलिस ने दर्ज किए। नौ अक्तूबर को इसी साल सादाबाद में साढ़े तीन साल की बच्ची के साथ एक किशोर द्वारा दुष्कर्म का मामला भी सामने आया। इसी माह 16 दिसंबर को अहेरिया समाज ने समाज को सूचीबद्ध करने की मांग को लेकर न्यू हाथरस रेलवे स्टेशन के निकट आठ घंटे तक दिल्ली हावड़ा ट्रैक पर जाम लगाए रखा था। संवाद
पॉक्सो कोर्ट ने दो हत्यारों को इस साल सुनाई फांसी की सजा
हाथरस। वीभत्स वारदात करने वाले दो हत्यारों को इस साल न्यायालय ने फांसी की सजा भी सुनाई। यह दोनो अलग-अलग मामले हैं। 23 सितंबर को विशेष न्यायाधीश (पॉक्सो अधिनियम) प्रतिभा सक्सेना ने सिकंदराराऊ क्षेत्र के एक गांव में एक किशोरी के साथ दु्ष्कर्म कर उसे जिंदा जलाकर मारने वाले हत्यारे मोनू ठाकुर को फांसी की सजा सुनाई। इस हत्यारे ने 15 अप्रैल 2019 को यह वारदात की थी। वहीं इसी न्यायालय ने 18 दिसंबर को एक बच्ची के साथ दुष्कर्म कर उसकी हत्या कर शव को नहर में फेंक देने वाले हत्यारे को फांसी की सजा सुनाई। हत्यारे चंद्रपाल ने थाना हाथरस जंक्शन क्षेत्र के एक कस्बा में इसी साल 22 अगस्त की रात्रि में इस बच्ची के साथ यह वारदात की थी। दोनो मामलों में पुलिस ने सशक्त ने सशक्त पैरोकारी की। अभियोजन पक्ष की ओर से भी एडीजीसी राजपाल सिंह दिसवार ने दोनों मामलों में पैरवी की थी। संवाद
कोरोना ने लील ली कई लोगों की जिंदगी
हाथरस। कोरोना ने इस लोगों की खुशियों पर ग्रहण लगा दिया। कोरोना के चलते इस साल पूर्व मंत्री नारायण सिंह सुमन, उनकी पत्नी कलावती व बेटी का निधन हो गया। पूर्व विधायक गेंदालाल चौधरी के बेटे की भी कोरोना से इस साल मौत हुई। शहर के कई अन्य नामचीन व्यापारी व हस्तियों को कोरोना लील गया। कई अधिवक्ता, शिक्षक, सरकारी कर्मचारियों की इस साल कोरोना से मौत हो गई। कई मौतें ऑक्सीजन की कमी से भी हुई। लचर स्वास्थ्य सेवाओं की कलई कोरोना काल में खुल गई। संवाद
पुलिस ने कई बड़े मामलों का किया खुलासा
हाथरस। पुलिस का शिकंजा अपराधियों पर इस साल कसा रहा। ज्यादातर बड़ी वारदातें पुलिस ने खोल दीं। कई इनामी बदमाश भी पुलिस ने गिरफ्तार किए। पुलिस ने विशेष अभियान चलाकर साल में कई बार गांजा तस्कर गिरफ्तार किए। करोड़ों का गांजा इनसे बरामद हुआ। कई स्थानों पर लाखों की शराब की बरामदगी भी हुई। जनवरी के माह में सट्टा किंग के यहां दबिश देकर 22 लोगों को गिरफ्तार किया। कस्बा पुरदिलनगर में पुलिस ने लूटी गई करोड़ों की मूर्तियां भी इस साल बरामद कीं और चार बदमाश भी दबोेचे। ठगी करने वाले फर्जी कॉल सेंटर का पुलिस ने भंडाफोड़ किया। साल में सट्टा और जुआ रोकने के लिए पुलिस ने सटोरियों व जुआरियों के यहां दबिशें भी दीं। बहुचर्चित किसान हत्याकांड के आरोपियों को भी पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। हलवाईखाना से हुई एक वृद्धा के अपहरण का मामला भी पुलिस ने कुछ घंटे बाद ही खोल दिया। अन्य बड़ी वारदातों का भी पुलिस ने राजफाश कर दिया। संवाद
बिटिया प्रकरण इस साल भी रहा सुर्खियों में
हाथरस। बहुचर्चित बिटिया प्रकरण इस साल भी सुर्खियों में रहा। इस कांड को लेकर न्यायालय में आरोपियों की पेशी होती रही। राजनेता इस साल इस प्रकरण को लेकर बयानबाजी व प्रदर्शन करते रहे। बिटिया के घर पर पूरे साल सीआरपीएफ की तैनाती रही। कई राजनेता बिटिया के घर पर गए। संवाद