न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
सहालगों के थमने व सर्दी के बढ़ने के कारण बसों में यात्रियों का अभाव रहा। इस कारण डिपो की आमदनी भी प्रभावित हुई। 15 दिन में रोडवेज के हाथरस डिपो को 30 लाख रुपये का घाटा हुआ है।
उल्लेखनीय है कि 13 दिसंबर को खरमास लगने के साथ सहालग पर विराम लग गया। 15 दिसंबर तक रोडवेज की आमदनी सही रही। उसके बाद पौष माह में लोगों की आवाजाही कम हो जाने के कारण यात्रियों की संख्या में अचानक गिरावट आ गई।
हाथरस डिपो को 15 दिन में दो लाख रुपये प्रतिदिन के हिसाब से नुकसान हुआ है। आमदनी प्रभावित होने से डिपो के अधिकारी परेशान है। सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक (एआरएम) शशी रानी का कहना है कि पंद्रह दिसंबर के बाद दो लाख रुपये रोजाना आमदनी का ग्राफ गिरा है। संवाद