न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
होली के बाद अब शहर में चैत्र नवरात्र की तैयारियां शुरू हो गई हैं। देवी की पोशाक अन्य पूजन सामग्री के लिए बाजार सजना शुरू हो गए हैं। खास बात यह है कि इस बार हाथरस में बने सिंहासनों पर देवी मां विराजेंगी। शहर में सिंहासन के अलावा देवी की प्रतिमाएं बनाने का काम भी तेजी से चल रहा है।
कोरोना काल के दो साल बाद शहर के हस्तशिल्प (हैंडीक्राफ्ट) उद्योग में बहार आ गई है। धातु कारोबारियों में भी घाटे से उबरने की आस जगी है। शहर की गली बंदरवन, अटल टाल रोड, बागला मार्ग सहित कई स्थानों पर कांस्यकार समाज के लोगों द्वारा धातुओं के उत्पाद बनाने का कार्य किया जाता है। इस काम में कारीगरों की मदद ली जाती है। संवाद
नवरात्र के लिए कई प्रदेशों से आ रही मांग
नवरात्र के लिए शहर के हस्तशिल्प कारोबारियों को जयपुर, गुजरात, महाराष्ट्र और दिल्ली सहित कई प्रदेशों से देवी की मूर्तियां और सिंहासन के ऑर्डर मिल रहे हैं। ढलाई के साथ मूर्तियों को आकर्षक रूप दिया जा रहा है।
वैसे इस बार धातु के दाम दुगने हो गए हैं। इससे कारोबार 30 प्रतिशत तक प्रभावित है। हालांकि इस साल कोरोना नहीं है। बाजार में बूम आने की उम्मीद है। मांग के अनुसार माल तैयार किया जा रहा है।
-निवेदन वर्मा, कारोबारी
हाथरस में बने सिंहासन और धातु की प्रतिमाओं कई प्रांतों के लिए आपूर्ति की जा रही है। इस बार सिंहासन व प्रतिमाओं की मांग सही है। धातु के रेट दोगुने होने के कारण कारोबार थोड़ा प्रभावित है।
-यश वर्मा, कारोबारी