न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
कोरोना वायरस के ओमिक्रॉन कोरोना वायरस को लेकर स्वास्थ्य विभाग सतर्क हो गया है। जिले में विदेश यात्रा से आने वालों पर विशेष नजर रखी जा रही है। स्वास्थ्य सेवाओं को और बेहतर बनाया जा रहा है, ताकि किसी भी परिस्थिति से निपटा जा सके। विदेश से आने वाले लोगों को सात दिन के लिए क्वारंटीन किए जाने की व्यवस्था भी की जा रही है।
कोरोना वायरस का कहर दुनिया में कम होने का नाम नहीं ले रहा। अब हाल ही में दुनिया के कुछ देशों में कोरोना का नया वैरिएंट सामने आया है। विश्व स्वास्थ्य संगठन यानी डब्ल्यूएचओ ने इस नए वैरिएंट को 1.1.529 यानी ओमिक्रॉन नाम दिया है। कोरोना के इस नए वैरिएंट को लेकर वैज्ञानिकों का कहना है कि यह अब तक का सबसे घातक और संक्रामक वैरिएंट है। बताया जा रहा है इस ओमिक्रॉन वैरिएंट में करीब 32 म्यूटेशन देखे गए हैं, जिसके कारण डब्ल्यूएचओ की चिंता अधिक बढ़ गई है।
वैज्ञानिक अध्ययनों में इस बात का खुलासा हुआ है कि ओमिक्रॉन वैरिएंट डेल्टा वैरिएंट से भी ज्यादा खतरनाक है। चिंता की बात यह है कि जो लोग कोविड टीकाकरण की दोनों खुराक ले चुके हैं, वह भी इसकी चपेट में आ सकते हैं। सीएमओ डॉ. सीएम चतुर्वेदी ने बताया कि विदेश से आने वाले लोगों पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। ऐसे लोगों को क्वारंटीन तो किया ही जाएगा, जांच भी कराई जाएगी। आगे की कार्रवाई जांच रिपोर्ट के आधार पर की जाएगी। संवाद
मास्क लगाना, सामाजिक दूरी का पालन करना भूले लोग
हाथरस। आसपास के जिलों में कोरोना के कई नए मरीज मिले हैं, लेकिन यहां के लोग मास्क लगाना, सामाजिक दूरी का पालन करना भूल गए हैं। साथ ही अब रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड जैसे स्थानों पर थर्मल स्कैनिंग भी नहीं हो रही। संवाद