न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
नगर पालिका का दो साल पहले सीमा विस्तार हो चुका है। नगर पालिका का क्षेत्रफल पहले के मुकाबले अब पांच गुना है, लेकिन विडंबना यह है कि दो साल पहले नगर पालिका को जो बजट मिलता था, अब मासिक बजट उससे भी कम मिल रहा है। इसकी वजह से शहर के नए क्षेत्रफल में विकास के काम तो अटके ही हुए हैं, साथ ही लोगों को मूलभूत सुविधाएं भी नहीं मिल रहीं।
दो साल पहले जब नगर पालिका हाथरस का सीमा विस्तार हुआ तो इसमें 11 ग्राम पंचायतों को शामिल कर लिया गया। पहले नगर पालिका हाथरस का क्षेत्रफल 833 हेक्टेयर था। उसके बाद यह बढ़कर 4020 हेक्टेयर हो गया। नगर पालिका का सीमा विस्तार तो हो गया, लेकिन शासन ने विस्तारित क्षेत्र में विकास कार्य के लिए अतिरिक्त बजट देने के बजाय बजट को कम और कर दिया।
सूत्रों की मानें तो दो साल पहले तक नगर पालिका को औसतन 2 करोड़ 75 लाख रुपये मासिक के हिसाब से बजट मिलता था, लेकिन सीमा विस्तार के बद कई माह से यह बजट अब दो करोड़ रुपये से कम आ रहा है। पिछले माह यह बजट 1.99 करोड़ रुपये आया। उसके पिछले माह और भी कम बजट आया। ऐसे में शहर में शामिल हुए नए इलाकों की तो बात तो छोड़ दें, पुराने शहर में भी विकास कार्य गति नहीं पकड़ पा रहे। संवाद