संवाद न्यूज एजेंसी, हाथरस।
कृषि विज्ञान केंद्र रति का नगला हाथरस में वैज्ञानिक सलाहकार समिति की बैठक हुई। जिसमें विशिष्ट अतिथि निदेशक अटारी जॉन-3 डॉ. अतर सिंह ने मछली पालन इकाई और मधु मक्खी पालन की इकाई को बनाने के लिए अपने सुझाव दिए। आईएफएस मॉडल को बनाने के लिए कहा।
चंद्रशेखर आजाद कृषि एव प्रौद्योगिक विश्व विद्यालय, कानपुर के प्रसार निदेशालय से आए सह निदेशक प्रसार डॉ. सुभाष चंद्र ने किसानों को बताया कि वैज्ञानिक तकनीकी से खेती करें और केंद्र पर नवीन प्रजातियों को बढ़ावा देने के लिए और किसानों को नई तकनीक से अवगत कराने के लिए क्रॉप कैफेटेरिया को लगाया जाए। केवीके फार्म की भूमि को सुधार कर फसल पैदा की जाए।
प्रसार निदेशालय के सहायक प्राध्यापक डॉ. सोहन लाल वर्मा ने कहा कि केंद्र की कार्य योजना किसानों की आवश्यकता के आधार पर बनाई जाए। केंद्र के अध्यक्ष डॉ. एके सिंह ने कार्यक्रम के अतिथियों का स्वागत संबोधन के साथ कार्यक्रम की रूपरेखा पर चर्चा की।
केंद्र के फसल सुरक्षा के वैज्ञानिक डॉ. राम पलट, सस्य वैज्ञानिक डॉ. प्रणवीर सिंह, वैज्ञानिक गृह विज्ञान डॉ. पुष्पा देवी, कृषि अभियंत्रण के वैज्ञानिक डॉ. कमल कांत एवं पशुपालन वैज्ञानिक डॉ. सुधीर कुमार रावत ने अपने संबंधित विषय की प्रगति आख्या एवं कार्य योजना को प्रस्तुत किया।
उप कृषि निदेशक एचएन सिंह, जिला उद्यान अधिकारी अनीता सिंह, प्रभारी फल संरक्षण विभाग वीरेंद्र, भूमि संरक्षण अधिकारी इंद्रसेन नाथ, मत्स्य पालन विभाग से मोहम्मद आरिफ आदि ने केंद्र की कार्य योजना के लिए अपने सुझाव दिए। बैठक में उपस्थित जिले के प्रगतिशील कृषक गेंदा सिंह सिंह रावत, कैलाश सिंह, जोरावर सिंह एवं महिला कृषक चंद्रप्रभा ग्राम इनायतपुर आदि ने भी अपने सुझाव दिए।