न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
जिले के करीब आठ हजार किसान अब एकमुश्त समाधान योजना के तहत फसली ऋण चुका सकेंगे। शासन स्तर से इसके लिए तीन स्लैब बनाए गए हैं। इस योजना के तहत वर्षों से कर्ज के बोझ से दबे किसान आसान किस्तों में इसकी अदायगी कर सकेंगे। ऋण चुकाने के बाद किसान विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ उठाने के लिए भी पात्र हो सकेंगे। इस योजना का लाभ 30 जून तक लिया जा सकता है।
जिला सहकारी बैंक की जिले में छह शाखाएं हैं। इनसे जिले की सहकारी समितियां जुड़ी हुई हैं। इन समितियों के माध्यम से किसानों को फसली ऋण उपलब्ध कराया जाता है। इस बार सरकार की ओर से एकमुश्त समाधान योजना शुरू की गई है। योजना के तहत जिले के आठ हजार ऐसे किसानों को लाभ मिल सकेगा, जोकि लंबे समय से सरकार के कर्जदार हैं।
एआर को-ऑपरेटिव ने बताया कि इस बार योजना के तहत शासन की ओर से तीन स्लैब बनाए गए हैं। वर्ष 1997 से पहले के ऋण में सिर्फ मूलधन जमा करना होगा। वर्ष 1997 से 2012 के बीच कर्ज लेने वालों को मूलधन के बराबर ब्याज देना होगा। वर्ष 2012 से 2017 के बीज कर्ज लेने वालों को मूलधन के अलावा कुल ब्याज का 50 फीसदी जमा करना होगा।
उन्होंने बताया कि संग्रह शुल्क, दंड ब्याज सौ फीसदी माफ है। 30 जून तक इस योजना का किसान लाभ ले सकेंगे। विभाग द्वारा तीनों श्रेणी के किसानों को चिन्हित कर उनके घरों पर पत्र भेजे जा रहे हैं, जिससे वह अपनी सुविधा के अनुसार योजना का लाभ ले सकें। योजना के तहत किसान और विभाग के मध्य एक समझौता हो जाएगा। किसान 25 फीसदी धनराशि समझौते के समय दे सकते हैं। उसके बाद बाकी धनराशि की किस्तें बना दी जाएंगी।