न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
‘प्रीलिटिगेशन विशेष लोक अदालत’ की जानकारी जन-जन तक पहुंचाने के लिए न्यायालय प्रधान न्यायाधीश, परिवार न्यायालय के परिसर में स्थायी विधिक सहायता केंद्र का उद्घाटन जिला न्यायाधीश श्रीमती मृदुला कुमार ने मां सरस्वती के छायाचित्र पर माल्यार्पण व दीप प्रज्ज्वलन के साथ फीता काटकर किया।
इस मौके पर जिला जज ने प्रीलिटिगेशन विशेष लोक अदालत के बारे में जानकारी देते हुए कहा कि यदि आपके वैवाहिक संबंधों में कटुता है अर्थात कुछ विवाद चल रहा है और भविष्य में मुकदमेबाजी शुरू होने की संभावना है तो आप तुरंत कार्यालय जिला विधिक सेवा प्राधिकरण में संपर्क करके अपना प्रार्थना पत्र प्रस्तुत कर सकते हैं। आपके प्रार्थना पत्र को संज्ञान में लेते हुए अविलंब कार्रवाई की जाएगी। विपक्षी को नोटिस भेजा जाएगा और दोनों पक्षों को मध्यस्थता केंद्र बुलाकर समझौता कराया जाएगा।
22 जनवरी को ‘प्रीलिटिगेशन विशेष लोक अदालत’ में परिवार न्यायालय के प्रधान न्यायाधीश द्वारा एक ऐसा फैसला सुनाया जाएगा, जोकि दोनों पक्षकारों पर आजीवन बाध्यकारी होगा। बस आपको एक प्रार्थना पत्र देना है, जिसमें आप दोनों पक्षकारों के नाम, मोबाइल नंबर और वर्तमान पता स्पष्ट रूप से लिखना होगा। प्रार्थना पत्र पति-पत्नी या उनके संरक्षक या उनके नजदीकी रिश्तेदार भी दे सकते हैं। प्रार्थना पत्र देने वाले को अपना आधार कार्ड की फोटोकॉपी भी साथ में लगानी होगी। लिहाजा बेझिझक जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के कार्यालय और जनपद न्यायालय हाथरस में आएं और अपने वैवाहिक विवादों का निपटारा कराएं।
विशेष न्यायाधीश (एससी/एसटी अधिनियम) अनुराग पंवार ने बताया कि आप अपना प्रार्थना पत्र जिला विधिक सेवा प्राधिकरण कार्यालय के अलावा नजदीकी थाना, तहसील विधिक सेवा समिति, राशन डीलर, ग्राम पंचायत अधिकारी, ग्राम प्रधान, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, आशा बहुओं, जन सुविधा केंद्र आदि के माध्यम से भी जिला प्राधिकरण को उपलब्ध करा सकते हैं। सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण चेतना सिंह ने बताया कि इस विशेष लोक अदालत में पति पत्नी के बीच उत्पन्न विवाद व मतभेद का निस्तारण कराएगा। पारिवारिक विवादों के निस्तारण के लिए प्रीलिटिगेशन वाद संबंधी विशेष लोक अदालत आगामी 22 जनवरी को आयोजित होगी। इस मौके पर जिले के सभी न्यायिक अधिकारी, कर्मचारी व अधिवक्ता भी मौजूद थे। संवाद