न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस के आह्वान पर सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों को सुदृढ़ करने एवं सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के निजीकरण व बैंकिंग कानून (संशोधन) विधेयक 2021 के विरोध में बैंक अधिकारी व कर्मचारियों ने ग्रामीण बैंक ऑफ आयावर्त के क्षेत्रीय कार्यालय पर धरना-प्रदर्शन किया।
प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए फोरम की जिला इकाई के संयोजक बीएस जैन ने कहा कि संगठन के राष्ट्रीय पदाधिकारियों ने बहुत कोशिश की कि वार्ता के माध्यम से समस्याओं का हल हो जाए, परंतु सरकार के अड़ियल रुख के कारण कोई सफल वार्ता नहीं हो सकी। सरकार बैंकों के निजीकरण करने पर आमादा है। बैंककर्मी हड़ताल एवं अन्य कार्यक्रमों के माध्यम से सरकार की नीतियों का विरोध कर रहे हैं। बैंकों के राष्ट्रीयकरण से हरित व श्वेत क्रांति हुई। देश अन्न और दुग्ध के क्षेत्र में आत्मनिर्भर हुआ। सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों का निजीकरण करना अवांछित एवं अनुचित है। यह किसी तरह से देश हित में नहीं है। उन्होंने भविष्य में बड़े संघर्ष के लिए तैयार रहने के लिए जोर दिया।
स्टेट बैंक ऑफ इंडिया ऑफिसर्स एसोसिएशन के क्षेत्रीय मंत्री प्रवीण सिंह व अविनाश अरोड़ा ने केंद्र सरकार की नीतियों की कड़े शब्दों में निंदा की। आर्यावर्त बैंक कर्मचारी एसोसिएशन के पदाधिकारी निखिल कुमार ने कहा कि सरकार फायदे में चल रही संस्थाओं का निजीकरण करती है, जो उचित नहीं है। आर्यावर्त बैंक ऑफिसर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष पदम सिंह ने कहा कि राष्ट्रीयकृत बैंकों का जब केंद्र सरकार निजीकरण करने जा रही है तो क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों का भविष्य भी उज्ज्वल नजर नहीं आ रहा है। आर्यावर्त बैंक ऑफिसर्स एसोसिएशन के महामंत्री जीके शर्मा ने संचालन किया। एसबीआई के सचिन सिंह ने कहा कि राष्ट्रीयकरण के बाद ही आम जनता की पहुंच बैंकों तक हो सकी। कार्यक्रम के अंत में ज्वाइंट फोरम ऑफ आरआरबी यूनियंस के पदाधिकारियों ने आर्यावर्त बैंक के क्षेत्रीय प्रबंधक जेसी त्रिवेदी को मांगों को लेकर ज्ञापन सौंपा।
प्रदर्शन करने वालों में यतेश गर्ग, डीसी गुप्ता, अजय कुमार, सोनू कुमार, ओमप्रकाश, उमाशंकर जैन, अशोक शर्मा, नन्नूमल, रवि, राकेश, देवेंद्र शर्मा, अरविंद जैन, सुरेश कुमार, पुष्पांकर जैन, रमाकांत, संजय जैन, मुकेश कुमार, श्रेयांश कुमार, नरेंद्र कुमार, शैलेंद्र, भजनलाल, धर्मेंद्र, राजवीर शर्मा, हुकुम सिंह, सुनील कुमार, पवन मीणा, मनोज सैंगर, अशोक गोस्वामी, संदीप निगम, केके गुप्ता, वीपी अग्रवाल, श्रीकांत गर्ग, प्रिंस कुमार, हेमंत, कपिल कुमार, प्रमोद कुमार, महेश कुमार, गंगा प्रसाद, दिनेश कुमार, प्रवीण कुमार, एके वर्मा, त्रिर्वेश कुमार, विमल उपाध्याय, उमेश कुमार, तरुण अग्रवाल आदि थे। संवाद