हाथरस। सरकार किसानों को लगातार राहत देने की कोशिशें कर रही है। अब जिले के 13 हजार नलकूप उपभोक्ताओं को बिजली बिल पर सब्सिडी दी जाएगी। नलकूपों पर जल्द मीटर लगेंगे। उपभोक्ता पहले की तरह 160 रुपये प्रति हॉर्स पावर के हिसाब से बिल जमा करेंगे। बाकी पैसा यूनिट के हिसाब से सरकार द्वारा सब्सिडी के रूप में विभाग को दिया जाएगा। इससे किसानों की जेब पर मीटर लगने के बाद बोझ नहीं बढ़ेगा। मीटर की मदद से बिजली खपत का आकलन किया जाएगा।
उल्लेखनीय है कि केंद्र व प्रदेश सरकार द्वारा बिजली सिस्टम को दुरुस्त किया जा रहा है। करोड़ों रुपये की लागत से जिले भर में नलकूप व घरेलू लाइनों को अलग करने का काम किया। अब नलकूपों बिजली के मीटर लगाने की कवायद शुरू हो गई है। संवाद
160 हॉर्स पॉवर
हाथरस जिले में दो लाख से अधिक बिजली उपभोक्ता हैं। इनमें 13 हजार नलकूप उपभोक्ता है। बिजली विभाग के अधिकारियों को नलकूपों पर मीटर लगाने का आदेश हुआ है। ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों को बिल बढ़ने का डर सता रहा है। इस कारण उपभोक्ता मीटर लगवाने से कतरा रहे थे। लेकिन, नए आदेश के बाद किसानों को जो पूर्व में 160 रुपये प्रति हॉर्स पावर के हिसाब से बिल जमा कर रहे थे उसी हिसाब से बिल जमा करेंगे। मीटर रीडिंग खपत का आकलन किया जाएगा। जितनी बिजली इसके अतिरिक्त खर्च होगी। उस पर सरकार विभाग को सब्सिडी देगी। अधिकारियों का कहना है कि सरकार के सब्सिडी प्रदान करने से किसानों की जेब पर मीटर लगने के बोझ नहीं बढ़ेगा।
मीटर लगने के बाद हकीकत आएगी सामने
जिले में जल स्तर गिर रहा है। इस कारण नलकूप की बोरिंग दो फुट तक पहुंच गई है। किसानों को सिंचाई के लिए दस से बारह हॉर्स पावर की मोटर लगानी पड़ रही है। जब नलकूप पर मीटर लग जाएगा तो उसमें यह भी सामने आएगा कि नलकूप पर वास्तविक में कितना लोड हैं। आए दिन ओढ़पुरा बिजली कार्यालय पर लोड बढ़ाने की शिकायत लेकर पहुंचने वाले किसानों को भी राहत मिलने की उम्मीद है। जितना मीटर बताएगा वहीं वास्तविक लोड माना जाएगा।
- नलकूपों पर मीटर लगाए जाएंगे। किसानों से 160 रुपये प्रति हॉर्स पावर के हिसाब से बिल लिया जाएगा। बाकी रीडिंग का पैसा सरकार विभाग को सब्सिडी के रूप में देगी। जिले में करीब 13 हजार नलकूपों पर मीटर लगाने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। - जगरातम, अधीक्षण अभियंता, बिजली विभाग