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Hathras News: 53 लाख के चारा खरीद घोटाले में फंसे पूर्व पालिकाध्यक्ष और अफसर

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नगर पालिका में हुए चारा खरीद घोटाले में तत्कालीन पालिकाध्यक्ष व ईओ और नजूल निरीक्षक फंस रहे हैं। इस मामले में दो माह बाद भी कार्रवाई नहीं करने पर जिलाधिकारी ने ईओ से नाराजगी जताई है। एक सप्ताह में कार्रवाई कर अवगत कराने के लिए कहा है।
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इसके बाद पालिका ने प्रकरण में तेजी दिखाई और नजूल निरीक्षक पर कार्रवाई करने की तैयारी शुरू कर दी है। पूर्व पालिका अध्यक्ष और ईओ के खिलाफ कार्रवाई की संस्तुति करते हुए शासन को पत्र भेजा गया है।

पूर्व में शिकायतकर्ता राधामाधव शर्मा और प्रशांत कौशिक ने वर्ष 2019 से 2021 तक चारा खरीद में घोटाला करने का आरोप लगाया था और जिलाधिकारी से शिकायत की थी। इनका आरोप था कि मनमानी दरों पर छुट्टा पशुओं पकड़वाने और उनके लिए चारे की खरीद की गई। उस समय आशीष शर्मा पालिकाध्यक्ष थे। डीएम ने इसकी जांच के लिए अपर जिलाधिकारी न्यायिक, वरिष्ठ कोषाधिकारी और मुख्य पशु चिकित्साधिकारी ने संयुक्त जांच समिति बनाई थी।
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समिति ने जांच में पाया कि 2019 में नियमों के विपरित मै. मनोज कुमार वर्मा से 1410636 रुपये का भूसा और चोकर खरीदा गया। इनके द्वारा आपूर्ति करने में असमर्थता व्यक्त करने पर मै.डाल स्टार से आपूर्ति किए जाने की स्वीकृति दी गई। इसके बाद 2019 से अक्तूबर 2021 तक कुल 5364900 रुपये का चोकर और भूसा खरीदा गया। इसमें भी निविदा प्रक्रिया नहीं अपनाई गई। समिति ने वित्तीय नियमों के विपरित कुटेशन के आधार पर भूसा, चोक और चारे की आपूर्ति के लिए जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों के नाम का उल्लेख करते हुए कार्रवाई की संस्तुति की गई थी। जिसके बाद गत 26 सितंबर को डीएम ने ईओ से इस मामले में कार्रवाई करने के लिए कहा था। इस पर जिलाधिकारी ने एक दिसंबर को फिर से पत्र भेजकर ईओ से नाराजगी जताई है। डीएम ने ईओ से कहा है कि संबंधित के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई नहीं कर केवल अनावश्यक पत्राचार किया गया। जबकि दोषी कर्मचारी के खिलाफ कार्रवाई आपको ही करनी है। डीएम ने एक सप्ताह में कार्रवाई कर अवगत कराने के लिए कहा है। ईओ रोहित सिंह ने बताया कि इस मामले में वर्तमान नजूल निरीक्षक के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। तत्कालीन अध्यक्ष व ईओ के खिलाफ शासन स्तर से कार्रवाई होनी है। इसके लिए संस्तुति कर शासन को पत्र भेज दिया गया है।
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