संवाद न्यूज एजेंसी, हाथरस।
ग्राम पंचायत अधिकारी विश्वमित्र के खिलाफ की गई निलंबन की कार्रवाई को वापस लेने व खंड विकास अधिकारी हाथरस पर मनमानी का आरोप लगाते हुए ग्राम पंचायत अधिकारियों ने विकास भवन परिसर में धरना-प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के बाद सीडीओ आरबी भास्कर को डीएम के नाम ज्ञापन सौंपा। धरना-प्रदर्शन के दौरान जमकर नारेबाजी की गई।
ग्राम पंचायत अधिकारियों ने कहा कि खंड विकास अधिकारी रीता सिंह ने बिना किसी मौके पर जाकर सत्यापन किए ऑपरेशन कायाकल्प, पंचायत घर, मनरेगा के कार्यों की कूटरचित जांच अवैध धन की मांग पूरी न होने पर नियम विरुद्ध तरीके से सीधे जिलाधिकारी को जांच रिपोर्ट दी, एक पक्षीय कार्रवाई करते हुए ग्राम पंचायत अधिकारी को निलंबित कर दिया गया।
ज्ञापन के जरिए कहा कि जिन बिंदुओं को लेकर विश्वमित्र को निलंबित किया गया है, उक्त बिंदू पर सभी साथियों की एक जैसी स्थिति है, इस आधार पर तो जनपद के सभी को एक साथ ही निलंबित किया जाए। खंड विकास अधिकारी ने पंचायत घरों में मनरेगा अंश पर भुगतान करवाने के लिए सप्लायर से धनराशि की मांग की है।
मांग पूर्ण न होने की स्थिति में भुगतान नहीं किया जा रहा है। भुगतान न होने की स्थिति में सप्लायर द्वारा सामान आपूर्ति नहीं की जा रही है, जिससे पंचायत घरों के निर्माण कार्य पूर्ण नहीं हो पा रहे हैं। जिसकी पूर्णतया दोषी खंड विकास अधिकारी एवं लेखाकार अजय भारद्वाज हैं।
ग्राम पंचायत अधिकारियों ने कहा है कि उक्त मांगों पर तीन दिन के अंदर विचार कर निराकरण नहीं किया जाता है तो मजबूरन राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के बैनर तले राज्य सरकार के समस्त विभागों का कार्य बहिष्कार करने को मजबूर होंगे।
इस मौके पर दिनेश सिंघल, विश्वमित्र, केके गौतम, राजेश सिंह, हरीशचंद्र, कुलदीप सिंह, मुकेश पचौरी, गजेंद्र सिंह, देवेंद्र गौतम, लवकेश, शिव कुमार, निहारिका सिंह, गीता सिंह, प्रकाश, बाबा रामकिशन, सहदेव, संत कुमार सिंह, केपी सिंह, ऋषि, रवेद्र पाठक, विदेश कुुमार, दिनेश कुमार तौमर, अनीश खान, आदि मौजूद थे।