हाथरस में सादाबाद के गांव जटोई निवासी बीएसएफ जवान का पार्थिव शरीर गांव में पहुंचते ही कोहराम मच गया। मृतक जवान के घरवाले और ग्रामीणों ने शव को तीन घंटे से रखा हुआ है, अंतिम संस्कार के लिए अंत्येष्टि स्थल की जगह न मिलने पर रोड जाम कर दिया है। अधिकारी परिवार वालों को समझाने में लगे हुए हैं, पर अंत्येष्टि स्थल न मिलने तक जवान का अंतिम संस्कार न करने पर सभी अड़े हुए हैं। भीड़ ने एसडीएम की गाड़ी के सीसे तोड़ दिए हैं।
सादाबाद के ग्राम जटोई निवासी सुरेंद्र सिंह का बेटा लोहरे सिंह बीएसएफ में बंगाल की सिलीगुड़ी में तैनात था। ड्यूटी के दौरान अचानक उसकी तबीयत बिगड़ गई और उसके साथी ही उसे उपचार के लिए ले गए, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। शुक्रवार की शाम 5:50 पर जवान का पार्थिव शरीर आने पर पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई और परिवार में कोहराम मच गया। शव के अंतिम संस्कार में प्रशासन की ओर से शामिल होने पहुंचे एसडीएम, नायब तहसीलदार तथा सीओ को ग्रामीणों की भीड़ ने घेर लिया। मृतक जवान के परिवार वाले और ग्रामीण अंतिम संस्कार के लिए एक अलग से अंत्येष्टि स्थल चाह रहे हैं, जहां पर सम्मान से दाह संस्कार किया जा सके। वैसे गांव में श्मशान स्थल है, पर वहां पर मृतक जवान के शव का अंतिम संस्कार नहीं करना चाह रहे हैं।
जवान का शव गांव पहुंचा, तो कुछ देर के लिए माहौल गमगीन हो गया। इसके बाद जब अंत्येष्टि का समय आया, तो अंत्येष्टि स्थल को लेकर बवाल खड़ा हो गया। लेखपाल ने गांव के निकट एक जगह उपलब्ध कराई थी। इसे ग्रामीण और परिजनों ने अंत्येष्टि के योग्य नहीं बताया। करीब तीन घंटा बीत जाने के बाद भी प्रशासन शहीद जवान की अंत्येष्टि के लिए जमीन नहीं उपलब्ध करा सका है।
गुस्साए ग्रामीण और परिजनों ने मई बल्देव मार्ग को जाम कर दिया है। तीन घंटे से जवान का शव अग्नि का इंतजार कर रहा है लेकिन पुलिस प्रशासनिक इंतजाम फेल हैं। पुलिस प्रशासन का उदासीन रवैया देख एक बार तो भीड़ सरकारी गाड़ियों पर हावी हो गई। स्थानीय लोगों ने जैसे-तैसे ग्रामीणों को समझा-बुझाकर शांत किया।
मौके पर एसडीएम संजय सिंह, क्षेत्राधिकारी गोपाल सिंह, नायब तहसीलदार अजय संतोषी, विधायक गुड्डू चौधरी सहित अन्य पुलिस प्रशासनिक अफसर राजनेता जमे हुए हैं लेकिन अभी तक शहीद की अंत्येष्टि के लिए जमीन का इंतजाम नहीं हो सका है। जाम लगाने वाले ग्रामीण, परिजनों का कहना है कि प्रशासन पहले शहीद की अंत्येष्टि और स्मारक के लिए जगह उपलब्ध कराएं।
रालोद विधायक प्रदीप सिंह उर्फ गुड्डू चौधरी भी गांव पहुंचे। उन्होंने बताया कि ग्रामीणों को समझाया बुझाया गया है कि अंत्येष्टि कराएं उसके बाद एसडीएम तहसीलदार से बात करके जगह प्रतिमा स्थल के लिए दिलवाई जाएगी। फिलहाल मृतक जवान का अंत्येष्टि खेत पर की जा रही है।