न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
हाथरस। दर्दनाक हादसे में बाल-बाल बची अर्चना की आंखों के सामने उसका सुहाग उजड़ गया और मासूम बेटा मौत के मुंह में समां गया। इस हादसे में अर्चना के हाथ में किसी तरह से रेलवे ट्रैक के किनारे पोल आ गया और उससे चिपकने की वजह से उसकी जान बच गई। ट्रेन उसके बगल से निकल गई।
हादसे में पति, बेटे और भतीजी को खोने के बाद अर्चना घंटों बदहवास रही। उसकी हालत इतनी खराब हो गई कि उसे उपचार के लिए जिला अस्पताल लाया। उसके हादसे में चोट भी आई है। उसे इस घटना के बाद बेहद सदमा पहुंचा है।
अपने पति, बेटे व भतीजी के साथ अर्चना खुद भी एटा जा रही थी। जब यह भीषण हादसा हुआ और ट्रेन ने उसके पति, मासूम बेटे व भतीजी को कुचला तो वह बाल-बाल इसलिए बच ग ई कि उसने बगल में एक पोल आ गया और वह पोल से चिपक गई। पल भर में अर्चना की पूरी दुनिया उजड़ गई। ट्रेन निकलने के बाद जब उसने अपने पति, बेटे व भतीजे के साथ अन्य लाश को मौके पर पड़ा देखा तो वह बदहवास हो गई। अर्चना ही हालत वहीं बिगड़ गई और वह चीखने-पुकारने के बाद बेहोश हो गई। वह मामूली रूप से चोटिल भी हुई। उसे बेहोशी व बदहवासी की हालत में उपचार के लिए जिला अस्पताल लाया गया। वहां से हालांकि थोड़ी देर बाद ही उसे फिर उसके घर भेज दिया गया। अर्चना का रो-रोकर बुरा हाल था और वह बेहद सदमे में थी।