फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

National Consumer Day: हाथरस में आए 81 उपभोक्ता मामले, केवल नौ में आया फैसला

Sat, 24 Dec 2022 03:20 PM IST
चमन शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, हाथरस

सार

उपभोक्ता कानून के प्रति कम जागरूकता और कम सक्रियता इसी बात से नजर आती है कि हाथरस में पूरे साल में केवल 81 मामले आए। इन मामलों में से केवल नौ मामलों पर ही फैसला आया है, बाकी मामले अभी लंबित हैं।
विज्ञापन
उपभोक्ता दिवस 2022 - फोटो : Istock
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

आज राष्ट्रीय उपभोक्ता दिवस है। इस दिन वर्ष 1986 में उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम विधेयक पारित हुआ था। 36 साल बाद भी कई उपभोक्ताओं को अपने अधिकारों की जानकारी नहीं है। इसकी वजह से उपभोक्ताओं के अधिकारों का हनन होता है। कई लोगों को तो यही जानकारी नहीं है कि वह उपभोक्ता की श्रेणी में आते हैं या नहीं।

विज्ञापन


81 मामलों में से नौ में आया फैसला
उपभोक्ताओं के संरक्षण के लिए कानून भी हैं। सेवा प्रदाता उपभोक्ता से पूरी कीमत वसूलने के बाद उन्हें सभी वस्तुएं और उचित सेवाएं नहीं देते, लेकिन जागरूकता के अभाव में उपभोक्ता उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं कर पाते। बात यदि जिला स्तर की करें, तो हर जिले में जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग गठित है, लेकिन काफी कम उपभोक्ता इसका दरवाजा खटखटाते हैं। हाथरस में इस वर्ष केवल 81 मामले ही इस आयोग में दर्ज कराए गए। वहीं अभी तक नौ मामलों में फैसला आया है।

यह हैं अधिकार
अधिनियम के तहत उपभोक्ताओं को छह उपभोक्ता अधिकार प्रदान किए गए हैं। इनमें सुरक्षा का अधिकार, संसूचित किए जाने का अधिकार, चयन का अधिकार, सुनवाई का अधिकार, प्रतितोष पाने का अधिकार, उपभोक्ता शिक्षा का अधिकार हैं।
विज्ञापन


विशेषज्ञ की यह है राय
एक उपभोक्ता को किसी उत्पाद या सेवा के बारे में सभी विवरण प्राप्त करने में सक्षम होना चाहिए। इन विवरणों में गुणवत्ता, मात्रा, मूल्य, गुणवत्ता मानक, शुद्धता, शक्ति, मानक, शुद्धता और माल की कीमत शामिल हैं। किसी भी उत्पाद या सेवा का विवरण उपभोक्ता को स्पष्ट होना चाहिए। समय-समय पर उपभोक्ताओं में जागरूकता के लिए गांव, स्कूलों, क्लबों आदि में सेमिनार, वाद-विवाद प्रतियोगिता आदि के आयोजन किए जाने चाहिए और वहां विधि विशेषज्ञों से प्रश्न उत्तर के माध्यम से जानकारी लेनी चाहिए।
-पंकज राय, एडवोकेट
उपभोक्ता जो वस्तुएं धनराशि खर्च करके खरीदता है, उसकी गुणवत्ता सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी विक्रेताओं की होती है। उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम में उपभोक्ताओं के अधिकारों को सुरक्षित करने के लिए उपभोक्ता अधिनियम 2019 बनाया गया है। इसमें उपभोक्ताओं को और अधिक अधिकार दिए गए हैं। आज उपभोक्ताओं को अपने अधिकारों के लिए जागरूक रहने की जरूरत है। 
विज्ञापन

-रामकुमार शर्मा, एडवोकेट

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें