परिवादी केशवदेव गौतम का आरोप है कि हाथरस सदर विधायक अंजुला सिंह माहौर फर्जी जाति प्रमाणपत्र के आधार पर आरक्षित सीट से चुनाव जीतकर विधानसभा पहुंची हैं। विधायक अंजुला सिंह माहौर ने अपना जाति प्रमाणपत्र अपने मायके की जाति को छिपाकर अपने ससुराल की जाति के आधार पर फर्जी रूप से तैयार कराया है।
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भ्रष्टाचार विरोधी सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष पंडित केशवदेव गौतम ने हाथरस सदर विधायक अंजुला माहौर के जाति प्रमाणपत्र के फर्जी होने का आरोप लगाते हुए एमपी एमएलए कोर्ट में परिवाद दर्ज कराया था। न्यायालय में इस मामले में परिवादी ने सीआरपीसी की धारा 202 के तहत प्रपत्र दाखिल किए। न्यायालय ने इस प्रकरण में अगली तिथि नौ जून नियत की है।
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परिवादी केशवदेव गौतम ने अपने अधिवक्ता विजेंद्र गुप्ता के माध्यम से एमपी एमएलए कोर्ट में परिवाद दर्ज कराया था। परिवादी के सीआरपीसी की धारा 200 के तहत बयान न्यायालय में हो चुके हैं। परिवादी केशवदेव गौतम का आरोप है कि हाथरस सदर विधायक अंजुला सिंह माहौर फर्जी जाति प्रमाणपत्र के आधार पर आरक्षित सीट से चुनाव जीतकर विधानसभा पहुंची हैं।
विधायक अंजुला सिंह माहौर ने अपना जाति प्रमाणपत्र अपने मायके की जाति को छिपाकर अपने ससुराल की जाति के आधार पर फर्जी रूप से तैयार कराया है। केशवदेव गौतम का आरोप है कि किसी भी महिला का जाति प्रमाणपत्र ससुराल पक्ष से नहीं माना जाता, उसके मायके से ही बनाया जाता है। न्यायालय ने इस प्रकरण में अगली तिथि नौ जून नियत की है।