कई दिनों से मौसम में बढ़ रही गलन भरी सर्दी से बच्चे और बुजुर्ग बीमार हो रहे हैं। जिला अस्पताल सहित शहर के निजी अस्पतालों में ऐसे मरीजों की भीड़ लगी है। दो दिन से मौसम में गलन कुछ ज्यादा ही हो गई है। रात के वक्त कोहरा भी हो गया है। सर्दी अधिक होने से लोगों की दिनचर्या भी प्रभावित हो रही है। ऐसे में नवजात शिशुओं में हाइपोथरमिया या तापमान कम होने की शिकायत देखी जा रही है।
बुजुर्गों में ब्लड प्रेशर की समस्या बढ़ रही है, इसलिए बच्चों व बुजुर्गों को सर्दी में बचाकर रखें। सर्दी के मौसम में बच्चों में निमोनिया होने की आशंका रहती है। कुछ लोग ठंड को अक्सर नजरअंदाज करते हैं, जबकि इस समय सावधानी बरतना लोगों के लिए फायदेमंद साबित हो सकता है।
सर्दी लगने के कारण कोल्ड डायरिया होने का खतरा बढ़ जाता है। बच्चों में सर्दी, खांसी, निमोनिया और पीलिया होने की संभावना रहती है। इस कारण उन्हें पूरे कपड़े पहनाकर रखें। उन्हें बाइक इत्यादि पर न ले जाएं। सुबह जल्दी पार्क इत्यादि में न ले जाएं। जब भी बच्चों को घर से बाहर ले जाएं तो उन्हें टोपी पहनाएं। हाथ और पैर को भी ढककर रखें। उन्हें दस्ताने और मोजे पहनाएं। छोटे बच्चों को कंबल से लपेटकर रखें।
-डॉ. प्रमोद कुमार, बाल रोग विशेषज्ञ जिला अस्पताल
सर्दी में सभी को कपड़े विधिवत पहनकर रखने चाहिए। ब्लड प्रेशर और डायबिटीज के मरीजों की तबियत बिगडने की आशंका रहती है, इसलिए उन्हें अपनी दवाएं रिवाइज करानी चाहिए। कोई भी परेशानी होने पर डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए। सांस और अस्थमा के मरीज सावधान रहें। सुबह-शाम घर से बाहर न निकलें।
-डॉ. वरुण चौधरी, वरिष्ठ चिकित्सक जिला अस्पताल।
ठंड के समय विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है। ठंड के कारण बच्चों को सर्दी लगने से बीमार होने का खतरा रहता है। वहीं बुजुर्ग भी ठंड लगने से बीमार हो रहे हैं। ओपीडी में ऐसे मरीजों की संख्या बढ़ी है।
-डॉ. सूर्य प्रकाश, सीएमएस जिला अस्पताल।
सर्दी लगने से बीमार हो गई हूं, अब जिला अस्पताल से दवा लेने आई हूं, ताकि ठीक हो सकूं। यहां पर काफी भीड़ है।
-निर्मला, मरीज
मुझे बीपी व शुगर की दिक्कत है। सर्दी अधिक होने से थोड़ी समस्या हो रही थी। उसे ही चेक कराने के लिए यहां आया हूं।
-देवी सिंह, मरीज
मुझे बुखार और खांसी की समस्या है। गांव में दवा ली, लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ तो अब यहां से दवा लेने आई हूं।
-सुमन, मरीज
सर्दी के कारण मेरी बेटी बीमार हो गई है। उसी को दवा दिलवाने के लिए जिला अस्पताल लेकर आई हूं, ताकि वह ठीक हो सके।
-गीता देवी, तीमारदार