2023 में हाथरस के विकास को लेकर कई उम्मीदें हैं। पराग डेयरी में मेडिकल कॉलेज का निर्माण होगा। खारे पानी की समस्या का समाधान होगा। मथुरा -बरेली मार्ग पर बाईपास का निर्माण होगा। हींग की जांच के लिए प्रयोगशाला बनेगी।
कहते हैं कि उम्मीद पर दुनिया कायम है। वर्ष 2023 की शुरुआत हो गई है। इस नए साल से जिले के लोगों को काफी उम्मीदें हैं। पिछले दो साल कोरोना ने जिले के विकास की रफ्तार रोक दी। जिले के लोगों उम्मीद है कि वर्ष 2023 में विकास का पहिया फिर सरपट दौड़ेगा। कई उन बड़ी समस्याओं का समाधान होगा, जिनसे वह जूझ रहे हैं। रुकी हुई योजनाओं का काम पूरा होगा और ऐसे कई काम शुरू होंगे, जिनकी उन्हें दरकार है।
विज्ञापन
पराग डेयरी में शुरू होगा मेडिकल कॉलेज निर्माण
जिले को सबसे ज्यादा जरूरत इस समय मेडिकल कॉलेज की है। चार साल पहले इस मेडिकल कॉलेज के निर्माण को मंजूरी मिल गई। तदुपरांत शासन की ओर से जिले में पीपीपी मॉडल पर मेडिकल कॉलेज के निर्माण के आदेश जारी किए गए हैं। इस क्रम में यहां जिला प्रशासन की ओर से पराग डेयरी की भूमि को चयनित कर शासन को प्रस्ताव भेज दिया गया है। शासन की ओर से मेडिकल कॉलेज निर्माण के लिए बजट भी आवंटित कर दिया गया है। प्रशासन की ओर से इस भूमि पर निर्माण के लिए दुग्ध विभाग की ओर से अनापत्ति प्रमाणपत्र लिया जा रहा है। वर्ष 2023 में मेडिकल कॉलेज का निर्माण कार्य शुरू हो सकेगा।
पीएम आवास योजना में गरीबों को मिलेंगे आशियाने
पीएम आवास योजना शहरी के तहत डूडा कार्यालय में करीब पांच हजार लोगों ने आशियाना पाने के लिए आवेदन किए थे। इनमें से करीब 3500 लाभार्थियों की पात्रता की जांच पूरी हो चुकी है। अब शासन स्तर से मांगे जाने पर इन लाभार्थियों की डीपीआर शासन को भेजी जाएगी। इसके बाद इन पात्र लाभार्थियों को आशियाना बनाने के लिए धनराशि जारी की जाएगी। इस वर्ष में इन लाभार्थियों को आशियाना मिल सकेगा।
विज्ञापन
जिला न्यायालय व जिला कारागार के भवन का होगा निर्माण
जिले में न्यायालय भवन निर्माण के लिए शासन के निर्देश पर प्रशासन की ओर से भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया पूर्ण कर ली गई है। भूमि पर भवन निर्माण के लिए ले आउट बनाकर शासन को मंजूरी के लिए भेजा गया है। इस वर्ष में ले आउट को मंजूरी मिलेगी। इसके साथ ही हतीसा के निकट न्यायालय भवन का निर्माण कार्य शुरू होगा। वहीं जिला कारागार के लिए भी भूमि का अधिग्रहण हो चुका है। इगलास रोड पर गांव बीछिया के निकट भूमि अधिग्रहीत कर दी गई है। इस साल कारागार का निर्माण भी होने की उम्मीद है।
खारे पानी की समस्या का होगा समाधान
जिले में खारे पानी की समस्या ग्रामीणों के लिए नासूर बनी हुई है। जिले के करीब 65 गांवों में ग्रामीण इस समस्या से जूझ रहे हैं। इन गांवों में इस समस्या से निजात देने के लिए जल निगम की ओर से पाइप लाइन योजना के तहत डीपीआर बनाकर भेजी गई है। इसकी स्वीकृति के बाद इन गांवों में पाइप लाइन के जरिये ग्रामीणों को मीठा पानी मुहैया होगा।
78 आंगनबाड़ी केंद्रों के भवन का होगा निर्माण
शासन स्तर से जिले में नए 78 आंगनबाड़ी केंद्रों के भवन के निर्माण के लिए बजट की स्वीकृति दे दी गई है। जिले के ग्रामीण क्षेत्र में कई आंगनबाड़ी केंद्र परिषदीय विद्यालयों में संचालित हैं। अब यह केंद्र खुद के ही भवन में संचालित हो सकेंगे। इन भवनों के निर्माण के लिए प्रशासन की ओर से प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। वर्ष 2023 में नए भवनों में इन आंगनबाड़ी केंद्रों का संचालन होगा।
मथुरा -बरेली मार्ग पर होगा बाईपास का निर्माण
शासन के निर्देश पर मथुरा-बरेली राजमार्ग पर इस वर्ष में चौड़ीकरण व बाईपास का निर्माण शुरू होगा। इसे लेकर शासन के निर्देश पर भूमि का अधिग्रहण प्रशासन की ओर से कर लिया गया है। प्रशासन की ओर से इस भूमि को एनएच को दे दिया गया है, जिससे यातायात में यहां के लोगों को काफी सुगमता रहेगी। इस मार्ग पर लगने वाले जाम से लोग काफी परेशान रहते हैं और ट्रैफिक का भार भी ज्यादा रहता है। इस मार्ग के चौड़ीकरण से जाम की समस्या का भी समाधान होगा।
पूरा होगा दाऊजी मंदिर, किला व तालाब का सौंदर्यीकरण
इस साल शहर में घंटाघर का सौंदर्यीकरण के अलावा गांधी पार्क, भगत सिंह पार्क का सौंदर्यीकरण पूरा हो गया है लेकिन अभी पुरातन महत्व के मंदिर श्री दाऊजी महाराज व किला राजा दयाराम का सौंदर्यीकरण का काम पूरा नहीं हुआ है। इसका पूरा बजट भी नहीं आया है। पुरातत्व विभाग, पर्यटन विभाग, स्थानीय प्रशासन की संयुक्त कार्ययोजना अभी परवान नहीं चढ़ सकी है। लोगों को आस है कि अंग्रेजों से जंग के साक्षी रहे मंदिर श्रीदाऊजी महाराज के सौंदर्यीकरण का काम पूरा होगा। शहर के कुछ पार्कों के सौंदर्यीकरण के काम भी लटका है। यह भी नए साल में पूरा होने की उम्मीद है। शहर के बीचों-बीच स्थित प्राचीन तालाब के सौंदर्यीकरण का काम भी कई वर्ष से पूरा नहीं हो सका है। इस काम को लेकर आरोप-प्रत्यारोप भी लग चुके हैं। लोगों को आस है कि इस साल तालाब के सौंदर्यीकरण का कार्य भी पूरा हो जाएगा।
पांच छात्रावास और केंद्रीय विद्यालय का भवन बनेगा
जिले के सिकंदराराऊ के गौरीशंकर इंटर कॉलेज, हसायन के नगला बीच और नगर पंचायत सहप़ऊ में माध्यमिक शिक्षा अभियान के तहत छात्रावासों का निमार्ण कार्य चल रहा है। बालिका शिक्षा के तहत सादाबाद के वास अमरु और विकास खंड मुरसान के टुकसान में छात्रावासों का निर्माण कार्य वर्ष 2023 में पूरा होने की उम्मीद है। वहीं, जिले में केंद्रीय विद्यालय आए एक दशक से अधिक का समय बीत गया है, काफी लंबे इंतजार के बाद आखिरकार पुरानी कलक्ट्रेट परिसर में केंद्रीय विद्यालय की बिल्डिंग बनने का कार्य शुरू हो चुका है।
शुरू होगी जिला अस्पताल परिसर में रक्त अवयव इकाई
जिला अस्पताल परिसर में रक्त अवयव पृथक्कीकरण को लेकर इकाई का निर्माण कार्य पूरा हो चुका है। इस इकाई में कई मशीनें भी आ चुकी हैं। करीब तीन मशीनों का आना बाकी है। इनके नए साल में आने की उम्मीद है। इसके अलावा कोरोना वार्ड के लिए बिल्डिंग अलग से तैयार हो चुकी है। इसके हैंडओवर होने का इंतजार है।
स्थानीय डिपो को मिलेंगे नई बसें
हाथरस डिपो में वर्तमान में करीब 15 बसें नीलामी की प्रक्रिया में चल रही है। ये बसें आए-दिन बीच रास्ते में यात्रियों को धोखा देती हैं। यात्री सुविधा को ध्यान में रखते हुए हाथरस डिपो ने 15 नई बसों की मांग की है। कानपुर कार्यशाला में बसों की नई बॉडी बनाने का काम तेजी से चल रहा है, इसलिए हाथरस डिपो को नई बसें मिलना तय है।
बिजली व्यवस्था में होगा रिवेम्प से सुधार
हाथरस जिले के लोगों को नए साल में गर्मियों तक पर्याप्त बिजली आपूर्ति का सपना पूरा होगा। रिवेम्प स्कीम के तहत जिले में साढ़े 500 किलोमीटर नई बंच कंडक्टर लाइन डाली जाएगी। इसके अलावा ओवरलोडिंग को खत्म करने के लिए 850 छोटे-बड़े ट्रांसफॉर्मर लगाए जाएंगे। साथ ही मैसेज के जरिये बिजली गुल व बिल संबंधी जानकारी मिलेगी, इसलिए उपभोक्ताओं को कार्यालय के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे।
सुधरेगी सड़कों की दशा, आईटीआई भवन भी होगा पूरा
जिले में गड्ढा मुक्ति अभियान के बावजूद सड़कें सही नहीं हुई है। अब नए साल में प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में 30 नई सड़कों की विशेष मरम्मत का काम होगा। इसके अलावा मेंडू के निकट बन रहा आईटीआई भवन का काम पूरा इस साल होगा। नए सत्र में इस में कक्षाएं प्रारंभ होंगी। इससे जिले के विद्यार्थियों को भी राहत मिलेगी।
जिले में इस साल एक हजार करोड़ निवेश होगा। निवेश के तहत सलेमपुर औद्योगिक क्षेत्र में खाली पड़ी भूमि पर नई इकाइयां लगेंगी। पिछले दिनों यह भूमि शासन को कोर्ट के फैसले के बाद मिली है। इसके लिए 464 करोड़ के निवेश करने के लिए 21 उद्यमियों ने आवेदन भी कर दिया है। नए साल में इन्वेस्टर समिट के बाद यहां नई इकाइयां स्थापित होना शुरू हो जाएगी। जिन 21 उद्यमियों ने आवेदन किए हैं, वह हाथरस, अलीगढ़ व दिल्ली के हैं।
हींग की जांच के लिए बनेगी प्रयोगशाला
जिले में वर्तमान में करीब 200 छोटी-बड़ी हींग की इकाइयां हैं। इन इकाइयों में हींग तैयार होने के बाद आगरा, दिल्ली व अहमदाबाद भेजी जाती है। हींग की प्रयोगशाला के लिए सोसायटी बन गई है। प्रयोगशाला के लिए जगह की तलाश जारी है। इस साल हींग की प्रयोगशाला भी स्थापित होने से हींग कारोबारियों को राहत मिलेगी। यह भी उम्मीद है कि हाथरस के किसी परंपरागत उद्योग को इस साल एक जनपद एक उत्पाद योजना में शामिल किया जाएगा। इससे उद्योग-धंधों को विकास होगा।
हाथरस जंक्शन पर अहम ट्रेनों का ठहराव होगा शुरू
हाथरस जंक्शन रेलवे स्टेशन पर कोरोना काल से महानंदा, कालका, मूरी आदि ट्रेनों का ठहराव बंद चल रहा है। इस संबंध में सांसद राजवीर दिलेर ने रेलमंत्री से पत्र सौंपा है। साथ ही हाथरस जंक्शन स्टेशन पर ट्रेनों के ठहराव की मांग की है, जो कि इस साल पूरी होगी। इसके अलावा किला स्टेशन पर पार्सल सेवा को फिर से शुरू किया जाएगा। इन दिनों किला स्टेशन पर माल के रखने के लिए यार्ड में नई टिनशेड डाला गया है।। जहां पानी भर जाता था, वहां स्लीपर की मदद से नया फर्श तैयार किया जा रहा है। इस साल पार्सल सेवा भी किला स्टेशन से शुरू होगी। इससे उद्यमियों को काफी फायदा होगा।
शुरू होगा कूड़ा निस्तारण प्लांट
जलभराव, गंदगी और शहर की एक बड़ी समस्या है। यहां जलेसर रोड पर कूड़ा निस्तारण प्लांट लगाया गया है लेकिन यह अभी चालू नहीं हो सका है। ऐसे में कूड़े का निस्तारण नहीं हो रहा है। शहर में जलेसर रोड के अलावा जगह-जगह कूड़े के ढेर लगे हुए हैं। लोगों को आस है कि यह प्लांट शुरू हो जाएगा और कूड़े के ढेरों से मुक्ति मिलेगी। साथ ही लोग यह भी उम्मीद लगाए बैठे हैं कि इस साल ट्रैफिक नियंत्रण के लिए लाल व हरी बत्तियां यहां भी मुख्य चौराहों पर लगा दी जाएंगी और यहां मुख्य चौराहों व मार्गों पर जाम की समस्या का समाधान होगा।