फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Hathras News: वीडीओ परीक्षा के नाम पर पांच आवेदकों से लाखों की ठगी, छह लोगों पर मुकदमा दर्ज

Sun, 27 Jul 2025 04:48 PM IST
चमन शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, हाथरस

सार

वीडीओ के फाॅर्म में कमी को लेकर नामजदों के कहने पर कुल 36,07,200 रुपये कई लोगोें के फोन पे पर मनोज व गजेंद्र और उनके पिता व पत्नी ने डलवाए। गजेंद्र ने 18 लाख रुपये अपने बैंक खाते में ट्रांसफर कराए और 20 लाख रुपये नकद लिए।
विज्ञापन
पुलिस ने दर्ज की रिपोर्ट - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

डीआईजी के आदेश पर गांव नगला देवा वेदई निवासी धर्मेंद्र सिंह ने कोतवाली में छह लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है। इन पर वीडीओ परीक्षा के नाम पर पांच आवेदकों से लाखों की ठगी करने का आरोप है।

विज्ञापन


रिपोर्ट मनोज कुमार, मनोज की पत्नी, ज्वाला प्रसाद निवासी कुबेरपुर एत्मादपुर आगरा और गजेंद्र, भाव सिंह, गजेंद्र की पत्नी निवासीगण अकोला आगरा के खिलाफ दर्ज कराई गई है। रिपोर्ट में धर्मेंद्र ने कहा है कि वर्ष 2018 में उन्होंने वीडीओ पद पर भर्ती के लिए फॉर्म भरा था। उनके साथ सुनील, आदित्य, संजना, पिंकी निवासी मझोला हाथरस ने भी फॉर्म भरा था।

कुछ समय बाद नामजद मनोज व गजेंद्र ने उन्हें फोन कर कहा कि वह उप्र सहायक विकास अधिकारी चेयरमैन से बात कर रहे हैं, आपका फार्म हमारे पास है, आप लोग आकर मिल लें। जब वह व अन्य आवेदक इन लोगों से मिलने सादाबाद आए तो मनोज ने अपने पिता को लखनऊ में सचिवालय पद पर बताया व अपनी पत्नी को उप्र सहायक विकास अधिकारी के हेड ऑफिस में स्टेनो रूम में बताया।

विज्ञापन
विज्ञापन

गजेंद्र ने अपने पिता को पोस्टमैन ऑफिसर बताया और अपनी पत्नी को गृह मंत्रालय में बताया। यह लोग बोले कि आपके फाॅर्म में कमी है। इसको दूर किए जाने के बाद ही आप परीक्षा दे पाओगे। कमी को ठीक कराने के बदले आपको 20 लाख रुपये जमानत के रूप में प्रति व्यक्ति के हिसाब से परीक्षा से जमा करने होंगे। परीक्षा के बाद रुपये वापस कर दिए जाएंगे। नामजदों के कहने पर कुल 36,07,200 रुपये कई लोगोें के फोन पे पर मनोज व गजेंद्र और उनके पिता व पत्नी ने डलवाए।

गजेंद्र ने 18 लाख रुपये अपने बैंक खाते में ट्रांसफर कराए और 20 लाख रुपये नकद लिए। परीक्षा के बाद रिजल्ट आया और उसके बाद जब इन लोगों से संपर्क किया तो इन लोगों ने पांच जनवरी को एक फर्जी नियुक्ति पत्र धर्मेंद्र कुमार को दे दिया। जब उन्होंने कहा कि यह फर्जी है तो नामजदों ने कहा कि रुपये वापस कर देंगे, लेकिन आज तक रुपये वापस नहीं किए हैं।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें