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Hathras News: आंखों के सामने डूब गया नमन, शिखा का पता नहीं चला, रात तक सुराग न लगने से ग्रामीणों में निराशा

Mon, 25 May 2026 10:26 PM IST
Chaman Kumar Sharma अमर उजाला नेटवर्क, हाथरस

सार

नमन व उसकी मौसेरी बहन शिखा पानी में डुबकी लगा रहे थे। तभी नमन अपना संतुलन खो बैठा। शिखा ने उसे बचाने का प्रयास किया तो वह भी पानी के अंदर चली गई। इस पर अन्य भाई-बहन विकास, छाया और कौशल ने दोनों को बचाने का प्रयास किया, लेकिन वे खुद भी डूबने से बच गए। तीनों की आंखों के सामने नमन व शिखा डूब गए।
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डूबना - फोटो : प्रतीकात्मक तस्वीर
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विस्तार
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हसायन में गांव कानऊ के रहने वाले ओमवीर अपने परिवार के साथ नागपुर में रहते हैं। कुछ दिन पहले ही वे परिवार के साथ गांव आए थे। उनका बेटा नमन (15) हाथरस जंक्शन के गांव टौंड़ स्थित ननिहाल में रहता था। 25 मई को दोनों परिवारों ने गंगा स्नान का मन बनाया था। सभी खुशी-खुशी घर से निकले थे, लेकिन कछला में हुए हादसे से परिवार की खुशियां मातम में बदल गईं।  

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ओमवीर के परिवार के अलावा उनके साले बृजेश कुमार निवासी टौंड़ व रिश्तेदार नेत्रपाल निवासी गांव पिछैती, हसायन का परिवार भी साथ गया था। लगभग 15 लोग सोमवार की सुबह दो गाड़ियों में कछला घाट के लिए निकले थे। ओमवीर व परिवार के अन्य लोग स्नान कर चुके थे तथा घाट से कुछ दूरी पर थे, जबकि सभी भाई बहन पानी में ही थे। 

नमन व उसकी मौसेरी बहन शिखा (12) पानी में डुबकी लगा रहे थे। तभी नमन अपना संतुलन खो बैठा। शिखा ने उसे बचाने का प्रयास किया तो वह भी पानी के अंदर चली गई। इस पर अन्य भाई-बहन विकास, छाया और कौशल ने दोनों को बचाने का प्रयास किया, लेकिन वे खुद भी डूबने से बच गए। तीनों की आंखों के सामने नमन व शिखा डूब गए। जैसे ही परिवार के लोगों को पता चला तो वे दौड़कर मौके पर पहुंचे। काफी तलाश के बाद नमन का शव मिल गया, लेकिन शिखा का कुछ पता नहीं चला।
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गांवों में पसरा सन्नाटा, जीवित रहने पर संशय
जैसे ही इस हादसे की खबर हसायन के गांवों में पहुंची, परिजनों और ग्रामीणों के होश उड़ गए। कानऊ और टौंड़ गांवों में शोक की लहर दौड़ गई। बड़ी संख्या में ग्रामीण और परिजन तुरंत कछला घाट के लिए रवाना हो गए। देर रात तक दोनों गांवों में पीड़ित परिवारों के घरों पर ग्रामीणों की भीड़ जुटी रही। 
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ग्रामीण जहां एक तरफ नमन के शव के गांव आने का इंतजार कर रहे थे, वहीं दूसरी तरफ लगातार फोन के जरिये कछला घाट से शिखा से जुड़ी जानकारियों का अपडेट ले रहे थे। रात तक शिखा का सुराग न लगने से ग्रामीणों में भारी निराशा थी और उसके जीवित होने को लेकर संशय और गहरा गया है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।

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