आपातकालीन स्वास्थ्य सेवा 108 एंबुलेंस ने स्टैंडर्ड रेस्पांस टाइम 15 मिनट से आधे समय में पहुंच कर 600 मरीजों की जान बचाई है। यह सेवा सूचना मिलने पर औसतन महज 7.1 मिनट में मौके पर पहुंच रही है।
जिससे अप्रैल महीने की रैकिंग में हाथरस प्रदेश में 10वें स्थान पर आ गया है। सीएम डैशबोर्ड पर एंबुलेंस सेवा ग्रेडिंग में पूरे प्वाइंट्स के साथ जिला ए-प्लस श्रेणी में आ गया है। स्वास्थ्य विभाग को मई की रैंकिंग में और सुधार होने की उम्मीद है।
108 एंबुलेंस सेवा के लिए स्टैंडर्ड रेस्पांस टाइम 15 मिनट निर्धारित है, यानी फोन आने के बाद एंबुलेंस को 15 मिनट के अंदर मरीज तक पहुंचना होता है, लेकिन जिले की एंबुलेंस औसतन महज 7.1 मिनट में मौके पर पहुंच रही है।
इसी त्वरित सेवा का नतीजा है कि इस वर्ष जनवरी से अप्रैल तक के चार महीनों में एंबुलेंस कर्मियों ने समय पर अस्पताल पहुंचाकर 600 से अधिक लोगों की जान बचाई है। प्रशासन अब इस 7.1 मिनट के समय को और कम करने की कवायद में जुटा है।
पांच महीने में गई 115 लोगों की जान
एंबुलेंस का रेस्पांस टाइम जरूर सुधरा है, लेकिन सड़क हादसे कम नहीं हो रहे हैं। बीते पांच महीनों में अलग-अलग हादसों में 115 लोग अपनी जान गंवा चुके हैं। हाईवे और एक्सप्रेस-वे का जाल लगातार बढ़ रहा है, जिससे वाहनों की रफ्तार बढ़ी है। इस रफ्तार से हादसे बढ़े हैं। ऐसे में वर्तमान में कार्यरत एंबुलेंस की संख्या नाकाफी साबित हो रही है।
108 एंबुलेंस केवल 20 ही हैं
सड़क हादसों के बढ़ते आंकड़ों के मद्देनजर जिले को और अधिक एंबुलेंस की दरकार है। फिलहाल जिले में 108 एंबुलेंस केवल 20 हैं। विभाग ने इन्हें हॉटस्पॉट एरिया (दुर्घटना बाहुल्य क्षेत्र), वर्कलोड और जनसंख्या के घनत्व के अनुसार तैनात किया है ताकि कम से कम समय में मदद पहुंचाई जा सके, लेकिन बढ़ते हादसों को देखते हुए यह संख्या कम से कम दो गुनी होनी चाहिए।
जिले की एंबुलेंस सेवा
108 एंबुलेंस सेवा (आपातकालीन स्थिति के लिए)
कुल एंबुलेंस : 20
स्टैंडर्ड रेस्पांस टाइम : 15 मिनट
मौजूदा रेस्पांस टाइम : 7.1 मिनट
तैनाती का आधार : हॉट स्पॉट एरिया में लोड व जनसंख्या के अनुसार।
102 एंबुलेंस सेवा
यह सेवा गर्भवती महिलाओं और दो साल तक के बीमार बच्चों को घर से अस्पताल लाने और वापस ले जाने के लिए है।
कुल एंबुलेंस : 18
स्टैंडर्ड रेस्पांस टाइम (शहरी क्षेत्र) : 20 मिनट
स्टैंडर्ड रेस्पांस टाइम (ग्रामीण क्षेत्र) : 30 मिनट
- जिले की एंबुलेंस सेवा संतोषजनक है, लेकिन इसमें और सुधार की आवश्यकता है। इसके लिए टीम को निर्देशित किया है। रेस्पांस टाइम को सात मिनट से नीचे लाना है। एंबुलेंस की संख्या बढ़ाने के प्रयास जारी हैं। एंबुलेंस सेवा और ट्रामा सेंटर के जरिये सड़क हादसों में होने वाली मौतों को कम करने का लक्ष्य है। - डाॅ. वेदप्रकाश, सीएमओ।