फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

महिला अफसर सुरक्षित नहीं तो बेटियों का क्या

विज्ञापन
विज्ञापन
हरदोई। सोमवार को लखनऊ चुंगी पर स्थित सीएसएन डिग्री कालेज में छात्र संवाद का आयोजन किया गया। इसमें मुख्य अतिथि विधानसभा उपाध्यक्ष नितिन अग्रवाल ने विद्यार्थियों से बात की। एक छात्रा ने बीते दिनों ज्वाइंट मजिस्ट्रेट पर हुए हमले का जिक्र कर कानून व्यवस्था पर सवाल उठाया, तो उन्होंने कहा कि महिलाओं-बेटियों के साथ अभद्रता बर्दाश्त नहीं है। पुलिस सजा नहीं देगी, तो हम देंगे।
विज्ञापन

विधानसभा उपाध्यक्ष ने कहा कि कम से कम कल का भारत कैसा चाहिए, इसका जिक्र होना ही चाहिए। छात्रा सविता यादव ने पिहानी कोतवाली क्षेत्र के कुल्लही में अवैध खनन रोकने पर ज्वाइंट मजिस्ट्रेट दीक्षा जैन पर हुए हमले का जिक्र कर कहा कि महिला अफसर सुरक्षित नहीं हैं, तो अन्य महिलाओं और बेटियों का क्या होगा। इस पर नितिन ने कहा कि पुलिस को साफ तौर पर निर्देश हैं कि कानून व्यवस्था के मामले में समझौता नहीं होगा। भरोसा दिलाया कि सब सुरक्षित हैं और रहेंगे। इस दौरान प्राचार्य डॉ. केके सिंह मौजूद रहे। संचालन डॉ. दीपक राय ने किया।
एमए फाइनल के छात्र योगेश कुमार ने पूछा कि सभी सेवाओं के लिए शैक्षिक योग्यता निर्धारित है, लेकिन जनप्रतिनिधियों के लिए ऐसा क्यों नहीं है। इस पर उन्होंने कहा कि राजनीति का स्तर इसीलिए गिरा कि जिन्हें एबीसीडी नहीं आती वह भी सांसद और विधायक बन जाते हैं। निश्चित रूप से न्यूनतम शैक्षिक योग्यता निर्धारित होनी चाहिए।
विज्ञापन

लेकिन मतदाताओं को ध्यान रखना चाहिए कि जिसको वोट देने जा रह हैं, उसकी योग्यता क्या है। दुर्भाग्य है कि उत्तर प्रदेश और बिहार जैसे राज्यों में जातिगत राजनीति के आगे सब नगण्य हो जाता है। एमए प्रथम वर्ष के विद्यार्थी अर्पित दीक्षित, बीए तृतीय वर्ष के छात्र अनुभव मिश्रा, और एमए प्रथम वर्ष के छात्र विमलेश कुमार ने भी सवाल किए।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें