हरदोई। नवंबर से शादियों व मांगलिक कार्यक्रमों की धूम है। ऐसे आयोजनों में से अधिकांश जगह शराब भी परोसी जाती है, लेकिन इसके लिए आयोजकों द्वारा आबकारी विभाग से ऑकेजनल बार लाइसेंस (एफएलसी -11) नहीं लिया जा रहा है। डीएम अविनाश कुमार ने सभी होटल/रेस्टोरेंट/मैरिज लॉन संचालकों को लाइसेंस लेने के लिए निर्देशित किया है। जिला आबकारी अधिकारी रविशंकर ने बताया कि सभी आयोजन स्थलों के संचालकों को डीएम निर्देश से अवगत कराया जा रहा है।
जिले की आबादी लगभग 50 लाख के आस पास है। पांच तहसील व कई बड़े कस्बे हैं। जहां होटल, रेस्टोरेंट, मैरिज लॉन व क्लब आदि संचालित हैं। नवंबर शुरू होते ही शादियों व अन्य मांगलिक कार्यक्रमों की धूम है। लगभग सभी गेस्ट हाउस और होटल फुल चल रहे हैं। यहां अक्सर कार्यक्रमों में शराब भी परोसी जाती है, लेकिन यह सब होता है बिना ऑकेजनल बार लाइसेंस के।
डीएम अविनाश कुमार ने सभी होटल व कार्यक्रम स्थल संचालकों से कहा है कि बिना ऑकेजनल बार लाइसेंस के किसी को शराब पीने व पिलाने न दी जाए। आबकारी विभाग से लाइसेंस (एफएलसी -11) लेना अनिवार्य है। कहा कि इसके बाद भी कहीं बिना लाइसेंस के शराब परोसे जाने शिकायत मिलती है तो कार्रवाई की जाएगी।
जिला आबकारी अधिकारी रविशंकर ने बताया कि सभी होटल, रेस्टोरेंट, क्लब व मैरिज लॉन संचालकों को डीएम के निर्देशों से अवगत करा दिया गया है। विभाग द्वारा जांच अभियान भी चलाया जा रहा है। ऐसे में जहां भी बिना लाइसेंस के मदिरापान होता पाया गया, उस प्रतिष्ठान के खिलाफ विधिक कार्रवाई करते हुए प्रशासन से उसे प्राप्त अनुज्ञा पत्र भी निरस्त कराया जाएगा।
लाइसेंस के लिए देनी होगी 11 हजार फीस
जिला आबकारी अधिकारी रविशंकर ने बताया कि इच्छुक लोग या प्रतिष्ठान संचालक कार्यालय में ऑकेजनल बार लाइसेंस के लिए आवेदन कर सकते हैं। ऑकेजनल बार लाइसेंस छह घंटे के लिए जारी किया जाता है, इसके लिए आवेदक को 11 हजार रुपये की निर्धारित फीस भी देनी होगी।