सवायजपुर। तहसील मुख्यालय के राजकीय पशु चिकित्सालय और आवासीय भवन जर्जर हो गए हैं। तीन दशक से चिकित्सालय में बिजली कनेक्शन भी नहीं है। बिजली न होने से सबमर्सिबल पंप भी बंद पड़े हैं और फ्रीजर भी नहीं चल पा रहे हैं। इससे वैक्सीन को सुरक्षित रखने की समस्या रहती है।
पशु चिकित्सालय और आवासों के निर्माण के 35 साल से अधिक बीत जाने के बाद भी यहां पर विद्युत कनेक्शन नहीं हो सका है। पेयजल के लिए इंडिया मार्का हैंडपंप भी नहीं हैं। विभागीय अधिकारी भवन के सुधार और विद्युत समस्या के निदान को लेकर गंभीर नहीं हैं। इसके चलते आने वाले पशुपालकों को दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।
कस्बा के मुख्य बाजार स्थित राजकीय पशु चिकित्सालय का निर्माण तत्कालीन कांग्रेस सरकार में मंत्री रहे पं. राम अवतार दीक्षित के प्रयास से करीब 35 वर्ष पहले हुआ था। रखरखाव न होने से मुख्य भवन सहित आवासीय भवन जर्जर हो गए हैं। कृत्रिम गर्भाधान, मुंहपका, खुरपका की वैक्सीन फ्रीजर होने के कारण अन्यत्र घरों में रखी जा रही है। अस्पताल में बाउंड्रीवॉल न होने से आवारा पशु अस्पताल में घूमते रहते हैं।
उप मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. आरपी शर्मा ने बताया कि अस्पताल में इनके अलावा सिर्फ चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी संदीप की ही तैनाती है। बताया कि गला घोटू बीमारी से बचाव के लिए तीन हजार पशुओं के लिए वैक्सीन आ चुकी है। सवायजपुर के साथ ही कहरई नकटौरा, खितौली, सराय राघव, गुरुधरू व कसवा की गोवृंद गोशाला के करीब 355 पशुओं की देखभाल का भी जिम्मा इसी अस्पताल के भरोसे है।
स्टाफ की कमी के चलते काफी दिक्कतें हैं। बताया कि सीवीओ को समस्या से पत्र लिखकर अवगत कराया गया है। विधायक माधवेंद्र प्रताप सिंह रानू ने बताया कि मामला संज्ञान में है। नवीन भवन के लिए प्रस्ताव भेजा जा चुका है, बजट स्वीकृत होते ही निर्माण कार्य चालू करा दिया जाएगा।