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Hardoi News: निर्माणाधीन पुल की अस्थाई सड़क बरसात में उफनाए नाले में बही

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हरदोई/संडीला। संडीला-अतरौली मार्ग पर बेतवा नाले पर निर्माणाधीन पुल के पास बनाई गई वैकल्पिक (अस्थाई) सड़क बरसात में बेतवा नाले के उफनाने से पानी में बह गई। इसके चलते संडीला-अतरौली मार्ग पर आवागमन ठप हो गया। आवागमन के लिए अब वैकल्पिक रास्तों का इस्तेमाल किया जा रहा है, इससे संडीला और अतरौली की दूरी काफी बढ़ गई है।
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संडीला-अतरौली मार्ग पर बेतवा नाला है। इस नाले पर लोक निर्माण विभाग के प्रांतीय खंड की ओर से लघु सेतु और पहुंच मार्ग का निर्माण कराया जा रहा है। लघु सेतु आरसीसी का बनाया जा रहा है। दरअसल, बरसात के दिनों में बेतवा नाला उफना जाता है और पहले से बना पुल काफी नीचा होने के कारण पानी आने से आवागमन ठप हो जाता है।
लघु सेतु का निर्माण कराने के लिए शासन ने तीन करोड़ रुपये का बजट स्वीकृत किया था। निर्माण कार्य भी शुरू कर दिए गए थे। सेतु बनाने के दौरान आवागमन बाधित न हो इसलिए लोक निर्माण विभाग के अभियंताओं ने निर्माणाधीन पुल के पास से ही वैकल्पिक रास्ता बना दिया था। शुक्रवार रात हुई बारिश मेें बेतवा नाला उफना गया और इसके पानी ने वैकल्पिक मार्ग को काट दिया। वैकल्पिक मार्ग बेतवा नाले में ही बह गया। इसके कारण अतरौली और संडीला के बीच मुख्य मार्ग से आवागमन ठप हो गया।
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-अतरौली से मीना बाजार होते हुए ग्राम महगवां और लूमामऊ से संडीला आना होगा। इसके लिए 35 किलोमीटर की दूरी तय करनी पड़ेगी।
-अतरौली से कोथावां होते हुए संडीला पहुंचा जा सकेगा, लेकिन 40 किलोमीटर दूरी तय करनी होगी।
-संडीला के तकिया गांव से खुटेेहना-मोहम्मदपुर होते हुए अतरौली जाने में 25 किलोमीटर यात्रा करनी होगी।
नोट : संडीला से अतरौली की दूरी 20 किलोमीटर है।

संडीला से अतरौली जाने के लिए तीन मार्गाें मेें से दो मार्ग सिंगल यानी साढ़े तीन मीटर के ही हैं। तकिया और मीना बाजार वाले रास्ते से जाने पर अगर दूसरी तरफ से कोई वाहन आ जाता है तो जाम की स्थिति बन जाती है। ऐसे में आवागमन के दौरान लोगों को जाम की समस्या से भी जूझना पड़ेगा।

अस्थाई या वैकल्पिक मार्ग के बेतवा नाले में बह जाने की जानकारी पर लोक निर्माण विभाग के अभियंता मौके पर पहुंच गए। पुराने रास्ते को ही चालू कराने को लेकर विमर्श तो हुआ, लेकिन कोई हल नहीं निकल पाया। पानी पंपिंग सेट से निकाले जाने पर भी चर्चा हुई, लेकिन फिर भी बात नहीं बनी। दरअसल, पानी निकाले जाने के बाद सड़क काे सुखाने और इसे यातायात लायक बनाने में भी खासा समय लगेगा।
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