हरदोई। स्वच्छ पेयजल मिशन के तहत ग्रामीण इलाकों के लिए अब भारत सरकार एवं राज्य सरकारों ने संयुक्त रूप से सरकारी खजाने को खोल दिया है। हर गांव तक वाटर लाइन की पहुंच बनाने के लिए योजना पर काम शुरू हो गया है।
योजना के द्वितीय चरण में जिले के 224 ग्राम पंचायतों के लिए 697 करोड़ की धनराशि स्वीकृति की गई है। अब इन ग्राम पंचायतों में पानी की टंकी बनाने एवं इससे वाटर लाइन पाइप बिछाने का कार्य जल्द शुरू होने की उम्मीद है।
शासन से नामित होने वाली कार्यदायी संस्था निर्माण कार्य कराएगी। जल निगम को मानीटरिंग एवं बिल सत्यापन की जिम्मेदारी दी गई है। जिले में 1306 ग्राम पंचायतें हैं।
इनके करीब 2,000 राजस्व गांव एवं 5,000 से अधिक मजरे हैं। इन ग्राम पंचायतों में की आबादी 30 लाख के करीब है।
10 वर्ष पूर्व शासन की ओर से 10 हजार से अधिक आबादी वाले गांवों में गांवों में वाटर लाइन एवं पानी की टंकी के माध्यम से हर घर तक पेयजल उपलब्ध कराने के लिए ग्रामीण पेयजल योजना शुरू की गई थी।
बाद में इसे पांच हजार से अधिक आबादी वाले गांवों तक पहुंचाने के लिए कार्ययोजना जिलों से मांगी गई थी। अब इसी योजना को स्वच्छ पेयजल मिशन के तहत हर गांव तक पहुंचाने के क्रम में जिले से कार्ययोजना मांगी गई थी।
पूर्व में 30 ग्राम पंचायतों में पानी की टंकी एवं वाटर लाइन का कार्य हो चुका है। नई गाइडलाइन के अनुसार हर गांव तक वाटर लाइन पहुंचाने के क्रम में जिले से 1,306 ग्राम पंचायतों में 1,274 ग्राम पंचायतों के लिए कार्ययोजना बनाई जा रही है।
इनमें 224 ग्रामों के लिए शासन को भेजी गई कार्ययोजना को स्वीकृत मिल गई है। शासन से इन ग्राम पंचायतों में वहां की पेयजल की आवश्यकता अनुसार क्षमता वाली पानी की टंकी, वाटर लाइनों का निर्माण कराया जाएगा।
बोले एक्सईएन
कार्ययोजना बनाने एवं निर्माण कार्यों की मानीटरिंग विभाग की ओर से करने के साथ बिलों का सत्यापन किया जाएगा। जिले के 224 गांवों के लिए स्वीकृति शासन से मिल गई है। शासन द्वारा नामित कार्यदायी संस्था की ओर निर्माण कार्य कराए जाएंगे।
- एके त्रिपाठी, एक्सईएन, जल निगम ग्रामीण क्षेत्र
पेयजल की व्यवस्था ग्राम पंचायतों के जिम्मे
जल निगम के अफसरों के अनुसार, नए हैंडपंप लगाने का कार्य शासन की ओर बंद किया जा चुका है। पुराने हैंडपंपों की मरम्मत रिबोर कार्य अब संबंधित ग्राम पंचायतों को कराना है।
पानी की टंकी एवं वाटर लाइन का प्रबंधन पेयजल आपूर्ति ग्राम पंचायतों के स्तर से की जाएगी। कार्यदायी संस्था की ओर निर्माण कार्य कराके पेयजल की व्यवस्था को ग्राम पंचायतों को हैंडओवर करने की जिम्मेदारी दी गई।
ब्लॉक परिसर में पानी के लिए भटकते लोग
हरपालपुर। गर्मी का सीजन शुरू होते ही पानी के लिए लोग भटक रहे हैं। विकासखंड परिसर में वर्ष 2012, 2013 में क्षेत्र पंचायत निधि से 79 हजार रुपये से लगवाया गया वाटर कूलर एक वर्ष से कंडम पड़ा है, जिससे ब्लॉक में आने वाले लोग पानी के लिए भटकते हैं।
हालांकि, ब्लॉक परिसर में तीन इंडिया मार्का हैंडपंप लगे हुए हैं। जिनमें एक खराब है, जबकि दो हैंडपंप शुद्ध पानी नहीं दे पा रहे हैं। बीडीओ डॉ. संतोष वर्मा ने बताया कि जल्द ही नया वाटर कूलर खरीद कर लगाया जाएगा।
बढ़ती प्यास के बीच ठंडे जल की आस
हरदोई। मौसम के तेवर तीखे है। पारा 40 डिग्री के पार चल रहा है। तेज धूप के बीच लोगों के हलक सूखने लगे हैं। सामान्य जन जीवन के साथ ही पशु-पक्षियों के बीच भी पेयजल की मांग बढ़ गई है।
हर कोई शीतल पानी और ठंडी आस लगाए रहता है। गर्मी के इस मौसम में सबसे ज्यादा दिक्कतें दिहाड़ी श्रमिकों के अलावा विभिन्न कार्यों से शहर आने जाने वाले लोगों को हो रही है। तेज धूप के बीच सड़कों पर चलना मुश्किल भरा कार्य हो गया है।
खासतौर से दोपहिया वाहन चालकों के लिए दोपहर का समय किसी मुसीबत से कम नहीं रह गया है। लपट सा अहसास करा रही गर्म हवाएं लोगों को बेहाल कर देती हैं।