हरदोई। शव के जेवर चोरी किए जाने के आरोप में बर्खास्त किए गए पोस्टमार्टम हाउस के आउटसोर्सिंग कर्मचारी ने पोस्टमार्टम में सही रिपोर्ट लगवाने के नाम पर मृतका के भाई से 12 हजार रुपये ठग लिए। रुपये ठगने से पहले उसने मृतका के भाई को परिजनों समेत जेल जाने के लिए तैयार रहने को भी कहा। घबराकर उसने फोनपे के जरिए रुपये बर्खास्त कर्मचारी को दे दिए।
बघौली थाना क्षेत्र के राव बहादुर निवासी संतराम की बहन एनपी देवी की शादी बेहटा गोकुल थाना क्षेत्र के मोहिउद्दीनपुर गांव निवासी शीलू के साथ हुई थी। चार अगस्त को ससुराल में ही एनपी देवी ने फंदा लगाकर खुदकुशी कर ली थी। पांच अगस्त को पोस्टमार्टम हुआ था। संतराम के मुताबिक वह पहले भी पोस्टमार्टम हाउस जा चुके थे और तब यहां तैनात रहे रुपेश पटेल का नंबर उसके पास था। रुपेश को उसने फोन कर पूरी जानकारी दी और पोस्टमार्टम सही ढंग से कराने के लिए कहा। इस पर रुपेश ने उससे कहा कि वह बाहर है। 20 हजार रुपये फोन पर ट्रांसफर करने के लिए भी कह दिया।
संतराम ने रुपये दे पाने से मना किया तो रुपेश ने उससे कहा कि विपक्षी 25 हजार रुपये देने को तैयार हैं। इस पर संतराम घबरा गया और उसने 12 हजार रुपये ही पास होने की बात कही। इस पर रुपेश ने 12 हजार रुपये अपने फोनपे से मंगवा लिए। बाकी के आठ हजार रुपये बाद में देने को कहा। इसके बाद से आठ हजार रुपये और देने की मांग कर रहा है। इस पर जब उसने जानकारी की तो पता चला कि रुपेश पटेल काे नौकरी से निकाला जा चुका है।
संतराम का शिकायती पत्र मिला है। रुपेश पटेल को पहले ही बर्खास्त किया जा चुका है। पूरे मामले की रिपोर्ट एसपी को भेजी जाएगी और रुपेश के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई जाएगी। -डॉ. रोहताश कुमार, सीएमओ