हरदोई। मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान में बड़ी संख्या में आवेदन निरस्त और लंबित होने पर डीएम राहुल पांडेय ने बैंकर्स से पूछा की आवेदन अधूरा था तो कौन बताएगा। इसकी अधिकारियों को जानकारी दी जानी चाहिए थी ताकि समय से आवेदन को पूरा कराते हुए युवाओं को ऋण उपलब्ध कराया जा सकता।
डीएम ने स्वामी विवेकानंद सभागार में बैठक की अध्यक्षता की। योजना में प्राप्त, स्वीकृत, ऋण वितरण और लंबित व निरस्त आवेदनों की बैंकर्स से बैंकवार जानकारी ली। आईडीबीआई, सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया और एसबीआई में 80-90 प्रतिशत तक आवेदन निरस्त किए जाने की स्थिति पर नाराजगी जाहिर की।
एसबीआई और बैंक ऑफ इंडिया की कम स्थिति पर संबंधित बैंक अधिकारियों से जानकारी ली। दोनों बैंकों से लंबित और निरस्त आवेदन की संख्या की जानकारी की। बैंकर्स से कहा कि आवेदनों का नियमानुसार परीक्षण कर समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करें ताकि योजना की प्रगति में तेजी लाई जा सके।
उन्होंने एक्सिस बैंक और एचडीएफसी बैंक की कम स्थिति पर नाराजगी जताई और बैंक अधिकारियों को लंबित आवेदनों का शीघ्र निस्तारण व ऋण स्वीकृति के निर्देश दिए। एक भी आवेदन स्वीकृत न किए जाने और बैठक में गैरहाजिरी पर आईसीआईसीआई बैंक के जोनल कार्यालय और भारतीय रिजर्व बैंक को पत्र लिखे जाने के निर्देश दिए। वहीं उद्योग उपायुक्त को बैंकों से समन्वय कर आवेदकों के दस्तावेज पूरे कराने के निर्देश दिए। बैठक में उपायुक्त हर्ष प्रताप सिंह, अग्रणी जिला प्रबंधक अरविंद रंजन सहित बैंकों के प्रतिनिधि मौजूद रहे।